हरियाणा के यमुनानगर के छछरौली स्थित चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र बनसंतौर में मादा हाथी मोती की रहस्यमयी तरीके से शनिवार को मौत हो गई। वन्य प्राणी विभाग द्वारा डॉक्टरों के पैनल से हाथी का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के लिए वाइल्ड लाइफ एसओएस आगरा से डॉक्टरों की टीम रविवार को आएगी।
चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र बनसंतौर में पिछले आठ साल से रह रही मादा हाथी मोती शनिवार की सुबह तक ठीक थी, लेकिन शनिवार को दोपहर अचानक उसकी मौत हो गई। मौत के कारणों का स्पष्ट रूप से कुछ पता नहीं चल पाया। माना जा रहा है कि हाथी की मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
मोती आठ साल पहले दिल्ली से हाथी पुनर्वास केंद्र बनसंतौर में लाई गई थी। मोती के अलावा केंद्र में चार अन्य मादा हाथी भी रह रही हैं। वाइड लाइफ इंस्पेक्टर सुनील तंवर ने बताया कि मादा हाथी मोती की उम्र 60 साल की थी। इसको कोई भी गंभीर बीमारी नहीं थी। हल्का बुखार आदि तो हो ही जाता है।
समय-समय पर सभी हाथियों की मेडिकल जांच भी होती है। मेडिकल जांच में भी कभी कोई गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन शनिवार को मोती की तबीयत एकदम से बिगड़ गई। उनका कहना है कि मौत के कारणों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। दूसरी ओर हाथी की रहस्यमयी मौत से हर कोई हैरान है, कर्मियों का भी कहना है कि जब शनिवार की सुबह तक मोती बिल्कुल ठीक थी तो दोपहर में अचानक उसे क्या हुआ, जिससे उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के लिए आगरा से चली है टीम : संदीप सैनी
वाइल्ड लाइफ डीएफओ संदीप सैनी ने बताया कि चौधरी सुरेंद्र सिंह हाथी पुनर्वास केंद्र बनसंतौर में एक मादा हाथी मोती की मौत हुई है। पोस्टमार्टम के लिए विभाग की तरफ से पैनल तैयार कर दिया गया है। हाथी पुनर्वास केंद्र की देखरेख कर रहे एसओएस की टीम पोस्टमार्टम करेगी जो आगरा से चल चुकी है। हाथी का रविवार सुबह पोस्टमार्टम होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।