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Yamuna Nagar News: किसानों ने यूपी से धान ला रहे 150 से ज्यादा वाहन पकड़े

Sun, 19 Oct 2025 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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कलानौर बॉर्डर पर रोकी गई धान व चावल से भरी ट्रॉलियां। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। हरियाणा-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर पहरा देकर भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के नेताओं ने शनिवार देर रात धान से भरे 150 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां व ट्रक पकड़े। किसानों ने पकड़े गए सभी वाहनों को पकड़ कर बॉर्डर पर हरियाणा सीमा में खड़ा करवा दिया। इससे सड़क पर पकड़े गए वाहनों की करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन लग गई।
किसानों का आरोप है कि बॉर्डर पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के फूड इंस्पेक्टर या अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं थे जबकि धान रोकने के लिए वहां पर ड्यूटी लगाई हुई है। हंगामा होने के बाद मौके पर फूड इंस्पेक्टर को भेजा गया। जो वाहन पकड़े गए उनमें काफी चावलों के भी हैं। समाचार लिखे जाने तक वाहन बॉर्डर पर ही खड़े थे।
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भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर ने बताया कि उन्होंने कई दिन पहले अधिकारियों को आगाह किया था कि यमुनानगर की कई अनाज मंडियों में उत्तर प्रदेश का धान बिक रहा है। कई आढ़ती मिलीभगत करके धान को मंडियों में बेचते हैं। परंतु कोई भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहा था।
अधिकारी मना कर रहे थे कि यूपी का धान मंडियों में नहीं आ रहा। इसलिए उन्होंने किसानों के साथ शनिवार रात से उत्तर प्रदेश-हरियाणा के कलानौर बॉर्डर पर पहरा दिया। जहां पर एक के बाद एक धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियां और ट्रक आने लगे। उन्होंने 150 से अधिक वाहनों को पकड़ा और हरियाणा की सीमा में ही खड़े करवा दिया।
उनका आरोप है कि बॉर्डर पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं था। काफी वाहन तो ऐसे थे जो पकड़े गए वाहनों के चालकों द्वारा फोन करके पीछे ही रुकवा दिए गए। इस मौके पर किसान विक्रांत ससौली, पम्मी, पप्पल, चंद्रपाल गुंदियाना, सतीश, प्रवीण समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
वहीं कलानौर पुलिस चौकी के इंचार्ज राजेश ने बताया कि नाका पर कई दिन से डीएफएससी कार्यालय से कोई कर्मचारी नहीं आ रहा था। इस बारे में डीएफएससी जतिन मित्तल को फोन करके सूचना भी दी गई थी। इसके बाद भी किसी की ड्यूटी नहीं लगाई गई। डीएफएससी को दी गई सूचना चौकी के रोजनामचा में भी दर्ज है। शनिवार रात किसान आए तो इसकी सूचना फिर डीएफएससी का दी गई, इसके बाद फूड इंस्पेक्टर को भेजा गया।
आढ़ती खरीद कर बेचते हैं धान
जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने बताया उत्तर प्रदेश में धान खरीद के लिए मंडी व्यवस्था नहीं है। वहां पर बड़े व्यापारी ही धान खरीदते हैं। यूपी में धान का रेट भी कम है। इसलिए यमुनानगर के आढ़ती यूपी के व्यापारियों से मिलकर किसानों से सस्ता धान खरीदते हैं। फिर इस धान को मिलीभगत करके जठलाना, जगाधरी, छछरौली, प्रतापनगर व अन्य मंडियों में बेचा जाता है। कम रेट पर खरीदे गए धान को मंडियों में महंगे रेट पर बेचा जाता है। यह सारा मुनाफा आढ़तियों की जेब में जाता है।
जिले के किसानों को मंडियों में धान बेचने में परेशानी हो रही है और अधिकारी यूपी का धान मंडियों में बिकवा रहे हैं। रात में 150 से ज्यादा वाहनों को यूपी से धान लेकर आते हुए पकड़ा है। यूपी के धान की जिले में एंट्री नहीं होने देंगे। प्रशासन कार्रवाई करके यूपी के वाहनों को वापस भेजे। - संजू गुंदियाना, अध्यक्ष, भाकियू।
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धान से भरे जो वाहन उत्तर प्रदेश व हरियाणा की सीमा पर पकड़े गए हैं. उनके खरीद बिलों का सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद ही वाहनों को छोड़ा जाएगा। ड्यूटी होने के बावजूद नाके पर कर्मचारी तैनात क्यों नहीं था इस बारे में डीएफएससी से जानकारी ली जाएगी। - विश्वनाथ, एसडीएम, जगाधरी।

कलानौर बॉर्डर पर रोकी गई धान व चावल से भरी ट्रॉलियां। संवाद

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