फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीपली रैली को लेकर किसान संगठन तैयार, आढ़ती भी आएं समर्थन में

विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा लाये जा रहे तीन अध्यादेशों के खिलाफ पिपली में होने वाली किसान बचाओ मंडी बचाओ रैली को लेकर किसान संगठनों ने पूरी तैयारी कर ली है। सरकार की तरफ से जहां किसान संगठनों से रैली स्थगित करने की अपील की जा रही है, वहीं प्रशासन ने भी अपने स्तर पर किसानों को रैली में जाने से रोकने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। बुधवार दोपहर को खुफिया विभाग और पुलिस विभाग के कर्मचारी गुपचुप तरीके से किसान नेताओं की निगरानी कर रहे हैं।
विज्ञापन

रैली में शामिल होंगे आढ़ती, मंडी रहेगी पूर्ण रूप से बंद
साढौरा। अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन प्रधान अरुण सिंगला (टीटू) ने बताया कि रैली में साढौरा के सभी व्यापारी बढ़ चढ़कर भाग लेंगे तथा सरकार के फैसले के विरोध में मंडी में किसी प्रकार का व्यापार नहीं होगा। आढ़ती गगन गोयल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने मंडियां बर्बाद करने के लिए प्राइवेट कंपनियों को हरियाणा में कहीं भी मंडियां बनाने का कानून बनाना सरासर गलत है। सचिव सतीश ने कहा कि सरकार को ऐसा कोई फैसला नहीं लेना चाहिए जो देश व प्रदेश के किसान, व्यापारी व आम जनता के खिलाफ हो जबकि केंद्र सरकार के नए तीनों अध्यादेश से देश का अन्नदाता बर्बादी की कगार पर आ जाएगा। इस मौके पर आढ़ती राजकुमार अग्रवाल, राजेन्द्र राणा, अशोक गोयल, सुरेन्द्र गोम्बर, रामकिशन अग्रवाल, सुल्तान सिंह, धर्मवीर, प्रवीण अग्रवाल, मनीष गर्ग, रणजीत सिंह, हैप्पी, रमेश सैनी व अन्य आढ़ती उपस्थित रहे।
किसान नेताओं के घर के बाहर चस्पा किये नोटिस
रादौर। किसान बचाओ, मंडी बचाओ रैली को लेकर एक दिन पहले सरकार व प्रशासन द्वारा सख्ती बरती गई। रैली को लेकर पुलिस की ओर से भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान संजू गुंदयाना, भाकियू जिला युवा प्रधान संदीप टोपरा, हरियाणा अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान शिवकुमार संधाला के घर पर रैली में भाग न लेेने को लेकर नोटिस चस्पा किए गए। नोटिस में किसान नेताओं को महामारी के दौरान रैली आयोजित न करने व रैली में भाग न लेने को लेकर चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन

वहीं रैली में भाग लेने पर प्रशासन की ओर से उनके विरुद्ध कार्यवाही करने की बात कही गई है। किसान नेताओं के विरूद्ध नोटिस जारी होने के बाद भाकियू के प्रमुख नेता अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गये हैं। अधिकतर किसान नेताओं के मोबाइल फोन बंद आ रहें हैं।
वहीं भाकियू जिला युवा प्रधान संदीप टोपरा व शिवकुमार संधाला ने पत्रकारों को फोन पर बताया कि सरकार व प्रशासन किसानों की पिपली रैली से घबरा गये हैं। जिन्होंने पहले भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी और अब प्रदेश के अन्य किसान नेताओं के घरों के बाहर नोटिस लगाकर रैली को असफल बनाने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सरकार व प्रशासन को चेतावनी देेते हुए कहा कि यदि रैली में जाने वाले किसी भी किसान को सरकार व प्रशासन के अधिकारियों ने रोका तो प्रदेश के लाखों किसान वहीं सड़क पर जाम लगा देंगे। प्रदेश की सभी छोटी व बड़ी सड़कों पर जाम लगा दिया जायेगा। जिसके लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेवार होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें