व्यासपुर। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) से जुड़े किसानों ने शुक्रवार को कस्बा स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में धरना दिया। इसके बाद किसानों ने अमेरिका के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर विरोध जताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और पदाधिकारी शामिल हुए।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि प्रस्तावित कृषि ट्रेड डील को लेकर किसानों में गहरा भय है। उनका आरोप था कि यदि अमेरिका के साथ कृषि समझौता होता है तो इसका सबसे अधिक नुकसान भारत के मध्यम वर्गीय किसानों को उठाना पड़ेगा। अमेरिका में हजारों एकड़ के बड़े किसान हैं, जबकि भारत में अधिकांश किसान छोटे और मध्यम वर्ग से जुड़े हैं, जो प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि यदि अमेरिका से आयातित कृषि उत्पादों पर भारत सरकार टैक्स नहीं लगाएगी और वहीं भारतीय उत्पादों पर अमेरिका 18 प्रतिशत तक शुल्क लगाएगा तो यह असंतुलित समझौता होगा। अमेरिका भारत पर दबाव बना रहा है कि वह रूस से तेल न खरीदे, जबकि रूस भारत का पुराना मित्र रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने समझौता रद्द नहीं किया तो 23 मार्च को पिपली अनाज मंडी में देशभर के किसान एकत्र होकर बड़ा निर्णय लेंगे। इसके साथ ही 10 मार्च को प्रत्येक तहसील स्तर पर ट्रैक्टर मार्च निकाले जाएंगे।
भाकियू जिला प्रधान संजू गुदियाना ने कहा कि यह ट्रेड डील बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लाई जा रही है। यदि विदेशी कृषि उत्पाद सस्ते दामों पर भारतीय बाजार में आएंगे तो स्थानीय किसानों की फसल को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। इससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ेगा और कृषि संकट और गहरा जाएगा। उन्होंने मांग की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले किसानों से राय ली जाए और शर्तों को सार्वजनिक किया जाए। निदेशक मनदीप रोडछप्पर, गुरवीर सिंह, गुरमेज सिंह कपुरी, कांशीराम पीरूवाला समेत अन्य नेताओं ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि कृषि क्षेत्र कमजोर हुआ तो इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ेगा। नेताओं ने तहसील और जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपने तथा आवश्यकता पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी। कार्यक्रम के अंत में संगठनात्मक घोषणाएं भी की गईं। सर्वसम्मति से मलिकपुर बांगर सुरिंद्र शर्मा को ब्लॉक व्यासपुर शहरी प्रधान और अभय राम रिटायर्ड इंस्पेक्टर को जगाधरी का प्रधान नियुक्त किया गया। दोनों ने संगठन को मजबूत करने और किसानों की आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन किसानों ने स्पष्ट किया कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। मौके पर जिला सचिव विक्रांत, जिला युवाध्यक्ष संदीप टोपरा, व्यासपुर ब्लॉक प्रधान नैब सिंह, संजू सरांवा, सतपाल राणा, महिंद्र सिंह आर्य, राजकुमार छछरौली, पप्पल गुंदियाना, मास्टर जगीर सिंह, गौरव, सुक्खा बनकट, जरनैल सिंह, रणधीर सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहें।