रहे। घाड़ क्षेत्र में लगे इस किसान मेले में 250 से अधिक महिला किसान सहित सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया। किसान मेले में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, फसल अवशेषों को आग लगाने से होने वाले नुकसान के संबंध में कृषि विशेषज्ञों एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को विस्तार से जानकारी दी गई। मेले के दौरान कृषि में उपयोग होने वाले नवीनतम कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई।
इसके साथ नोटबंदी के बाद किसानों के सामने आ रही समस्याओं के समाधान हेतू ई-दिशा के माध्यम से किसानों को गैर नकदी यानि कैशलेस पेमेंट के बारे में जागरूक किया गया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक भूपेंद्र सिंह ने किसानों से कहा कि किसान उन्नत तरीके से खेती कर अपनी आमदन बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान फसल चक्र और कृषि विविधीकरण को अपनाएं।
साथ ही खेतों में संतुलित मात्रा में खादों का प्रयोग करें। किसान मेले में उपमंडल कृषि अधिकारी सतबीर सिंह, सहायक कृषि अभियंता विनित कुमार, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी जसविंद्र सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र दामला के वैज्ञानिक बीआर कांबोज व एनके गोयल, सहायक गन्ना विकास अधिकारी राकेश कुमार, एडीओ विरेंद्र कांबोज सहित विभिन्न गांवों के सरपंच व ग्रामीण मौजूद रहे।