संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा की ओर से किसानों को लेकर की गई बयानबाजी और अंबाला बॉर्डर से दिल्ली जा रहे किसानों पर पानी की बौछार करने के विरोध में सोमवार को किसान सड़क पर उतर आए। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले विभिन्न संगठनों के किसानों ने प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय के सामने केंद्र सरकार का पुतला जलाया।
इससे पहले किसानों ने पुतले की शव यात्रा भी निकाली। हल्की बूंदाबांदी के बावजूद किसान अनाज मंडी में एकत्रित हुए और प्रदर्शन करते हुए सड़क पर आए। किसानों ने कृषि विभाग के खंड कृषि अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इससे पहले किसानों ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाते हुए उन्हें पुष्प अर्पित किए।
किसान नेता साहब सिंह ने कहा कि भाजपा के राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा बयानबाजी कर रहे हैं कि सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान सैकड़ों महिलाएं गायब हुई हैं। वहीं नशा फैलने का कारण धरती पुत्र किसान हैं। सरकार के सांसदों को ऐसी बयानबाजी ठीक नहीं है। आज से पहले किसानों के प्रति सरकार का ऐसा रवैया कभी भी देखने को नहीं मिला।
भारतीय किसान यूनियन (रतनमान) के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि किसानों का अपमान करना रामचंद्र जांगड़ा की आदत बन चुकी हे। जांगड़ा को किसानों से माफी मांगनी होगी। इसके अलावा एमएसपी की मांग भी सरकार द्वारा मानी नहीं जा रही है।
राष्ट्रीय कृषि बाजार नीति, डिजिटल कृषि मिशन और राष्ट्रीय सहयोग नीति को वापस ले। संघर्ष कर रहे सभी किसान संगठनों के साथ तुरंत चर्चा होनी चाहिए।
सरकार एमएसपी, ऋण माफी, बिजली के निजीकरण और एलएआरआर अधिनियम 2013 के कार्यान्वयन पर किसानों की लंबे समय से लंबित वास्तविक मांगों को स्वीकार करने का निर्देश दें।किसान अपनी मांगों के लिए दिल्ली जाना चाहते हैं। सरकार किसानों पर आंसू गैस के गोले, रबड़ की गोलियां, ठंडे व केमिकल युक्त पानी की बौछार कर रही है।
इस मौके पर गुरबाज संधू, मान सिंह, दीप राणा नंबरदार, सुभाष, महीपाल चमरौड़ी, धर्मपाल चौहान, यादविंद्र कांबोज, राहुल संधाय, जसबीर अजीजपुर, सुभाष हरतौल, सुखदेव सलेमपुर, बिजेंद्र राणा, बीर सिंह, नायब सिंह आदि मौजूद रहे।