पॉप्लर रेट को लेकर हुए समझौते के लागू न होने पर सोमवार को किसानों ने भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम चढूनी की अध्यक्षता में जगाधरी अनाज मंडी में महापंचायत की। एसडीएम के चंडीगढ़ होने पर किसानों ने महापंचायत में ही डीसी को बुलाने की मांग रखी। जब आधा घंटे तक डीसी नहीं पहुंचे तो किसान भड़क गए और लघु सचिवालय के सामने नेशनल हाइ वे 73 पर आकर जाम लगा दिया।
किसानों को समझाने के लिए सीटीएम मौके पर पहुंची, मगर किसानों ने उनकी एक न सुनी और उन्हें खरी खोटी सुनाकर वापस भेज दिया। शाम करीब सवा पांच बजे एसडीएम प्रेमचंद मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक किसानों के साथ बातचीत के बाद उन्होंने किसानों की मांगे जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया। इस दौरान करीब सवा चार घंटे तक नेशनल हाईवे पर जाम लगा रहा। पॉप्लर के उचित रेट व अन्य मांगों को लेकर अक्तूबर माह में चले किसानों क आंदोलन के बाद आठ अक्तूबर को हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल, यमुनानगर विधायक घनश्याम दास की अध्यक्षता में किसानों, व्यापारियों व आढ़तियों के बीच समझौता हुआ था। समझौता पूरी तरह से लागू न होने पर किसानों ने 21 नवंबर को किसान भवन के समक्ष नेशनल हाईवे 73 पर जाम लगाया था। उस समय एसडीएम प्रेमचंद ने उनकी मांगों को पूरी तरह लागू करने के लिए 15 दिन का समय मांगा था। किसानों ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग पूरी न हुई तो वे 24 दिसंबर को महापंचायत कर आंदोलन करने की रणनीति तैयार करेंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जगाधरी अनाज मंडी में महापंचायत की गई।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में लगभग तीन सौ किसान महापंचायत में पहुंचे। किसानों की मांग थी कि एसडीएम प्रेमचंद महापंचायत में आकर उन्हें जवाब दे कि उनकी मांगें कहां तक पूरी हुई। एसडीएम के न होने पर किसानों से बात करने के लिए नायब तहसीलदार पहुंचे। किसानों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन देने और बातचीत करने से मना कर दिया। किसान नेताओं ने एसडीएम को मौके पर बुलाकर जवाब देने की बात कहीं, जिस पर नायब तहसीलदार ने बताया कि एसडीएम चंडीगढ़ गए हुए हैं।
एसडीएम क गैर मौजूदगी की वजह से किसान डीसी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। करीब आधा घंटा डीसी का इंतजार करने के बाद किसानों का गुस्सा बढ़ गया। दोपहर करीब दो बजे किसान महापंचायत स्थल से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय के समक्ष नेशनल हाईवे 73 पर आ गए। किसानों ने यहां हाईवे के बीचों बीच बैठ कर जाम लगा दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। शाम करीब सवा छह बजे किसानों ने एसडीएम प्रेमचंद के आश्वासन पर जाम खोला। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगे पूरी न हुई तो वे 10 मार्च को पॉप्लर कटाई बंद कर देंगे और 15 मार्च से यमुनानगर में लकड़ी नहीं आने देंगे।
सीटीएम को कही जूता मारने की बात :
किसानों की जाम लगाने की सूचना पर सीटीएम पूजा चांवरिया, डीएसपी हैडक्वार्टर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। सीटीएम पूजा चांवरिया ने किसानों का कहा कि डीसी साहब बिलासपुर में किसी काम के लिए गए है। उनकी अनुपस्थिति में वह रिप्रेजेंटेटिव बनकर आईं है। वे उनकी मांगों को डीसी व एसडीएम के समक्ष रख देंगी। तब किसान संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ ने उन्हें कहा कि जाम खोलने को लेकर उनकी 99 प्रतिशत ना ही है। एसडीएम ने उनकी मांग पूरी नहीं कि तो वे डीसी से ही बात करेंगे। प्रार्थना है कि आप भी ज्यादा रिक्वेस्ट न करें। आप हमारी बच्ची के समान है। आप की बात मानण ने भी जी करे और मानण की बात कोनी।
कभी तेरे भी जूत लगागे। क्योंकि डीसी भी नी मान रहे और सरकार भी मान ण को तैयार नहीं।
लंबी जद्दोजहद के बाद खुला जाम :
जाम के दौरान डीएसपी हैडक्वार्टर जोगिंद्र सिंह, डीएसपी अजय राणा, जगाधरी डीएसपी राजेंद्र कुमार, सिटी थाना यमुनानगर एसएचओ राजीव मिगलानी, सिटी थाना जगाधरी एसएचओ सुरेश पाल, यमुनानगर ट्रेफिक एसएचओ निर्मल सिंह, जगाधरी ट्रैफिक एसएचओ रणधीर सिंह सहित भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। वहीं नायब तहसीलदार, सीटीएम पूजा चावरिया भी जाम खुलवाने में असमर्थ रहे। शाम सवा पांच बजे एसडीएम प्रे मचंद मौके पर पहुंचे। लगभग एक घंटे की लंबी जद्दोजहद के बाद एसडीएम ने किसानों की मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया। तब जाकर किसान जाम खोलने का राजी हुए।
हाईवे पर मैट बिछाकर किसानों ने ली चाय की चुस्कियां :
शाम चार बजे तक एसडीएम व डीसी के मौके पर न आने पर किसानों ने वहीं टेंट लगाकर धरना देने की योजना बना ली। किसानों ने मैट मंगवाए और वहीं चाय बनवाई। इसके बाद किसानों ने नेशनल हाईवे के बीचों बीच मैट बिछाये और चाय की चुस्कियां ली। यह पहली बार था कि जब प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे पर मैट बिछाकर बैठे हो और चाय की चुस्कियां ली हो।
ये हुआ था समझौता :
पॉप्लर रेट को लेकर आठ अक्तूबर को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस जगाधरी में विधानसभा स्पीकर कंवरपाल व यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने किसानों, आढ़तियों व फैक्ट्री संचालकों के बीच त्रिपक्षीय बातचीत की। लंबी जद्दोजहद के तीन मांगों पर समझौता हुआ था। जिसमें अब आढ़ती किसान से कमीशन नहीं लेंगे। आढ़ती को कमीशन खरीददार देगा। इसी तरह किसान से माल पर कोई काट नहीं ली जाएगी। साथ ही खरीददार किसान को जे-फार्म या पक्का बिल देगा। किसानों का कहना है कि अभी तक उनकी मांगें पूरी तरह लागू नहीं की गई।
ये है मुख्य मांगे :
-सरकार नीति बनाकर पॉप्लर व सफेदा का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करे।
- अनाज मंडी की तरह लकड़ी मंडी में भी मार्किट कमेटी के नियम लागू हो।
- किसान का भुगतान जे फार्म के माध्यम से हो।
- अनाज मंडी की तरह कमीशन किसानों से न काटकर खरीददार से कटे।
- तुरंत प्रभाव से राष्ट्रीय राजमार्ग 73ए से लक्कड़ मंडी का स्थानातंरण मानक पुर नई लक्कड़मंडी में किया जाए।
- सहकारी चीनी मिलों की तर्ज पर सहकारी प्लाईबोर्ड उद्योग स्थापित किया जाए।
- प्लाईबोर्ड उद्योग स्थापित करने हेतू लाईसेंस प्रणाली सरल हो और लाईसेंस खोले जाएं।
ये थे प्रदर्शन में शामिल :
प्रदर्शन में भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी, प्रदेश संयोजक बाबूराम गुंदयाना, प्रदेश सचिव हरपाल सिंह, जिला प्रधान संजू गुंदयाना, कि सान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौथ, विरेंद्र सिंह दहिया, मनमोहन सिंह, गुरमुख सिंह, राजकुमार, अंबाला जिला प्रधान रूप सिंह, सतपाल, कृष्ण पाल, संदीप टोपरा, मंदीप, विक्रम, राजीव, सुखदेव सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहें।