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तीन घंटे तक आमने-सामने रहे किसान और पुलिसकर्मी

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माई सिटी रिपोर्टर
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यमुनानगर। जिला लोक संपर्क और कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री संदीप सिंह को किसानों का विरोध झेलना पड़ा। किसानों ने उनके काफिले को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रकट किया। करीब तीन घंटे तक किसान लघु सचिवालय के बाहर जमे रहे और नारेबाजी करते रहे। खास बात ये रही कि किसानों को रोकने के लिए पांच डीएसपी, 15 इंस्पेक्टर और पांच सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी लगाएं गए।
किसान पूरी तैयारी करके और रणनीति बना कर आएं थे। किसान रणनीति के तहत सीमित संख्या में यहां पहुंचे और अनाज मंडी गेट से आक्रामक रवैया अपना लिया। इस पर पुलिस ने मंडी गेट के बाहर हाईवे पर रस्सी से लोहे के अवरोधक बांधकर रखे। पुलिसकर्मियों ने किसानों को अनाज मंडी गेट पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान अवरोधक हटा कर लघु सचिवालय गेट तक पहुंचने में कामयाब रहे। हालांकि लघु सचिवालय भवन तक किसान पहुंच नहीं पाएं, क्योंकि मुख्य गेट को बंद कर रखा था।
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एसपी कमलदीप गोयल चार बार किसानों को शांत करने की अपील करने के लिए पहुंचे, लेकिन किसानों ने उनकी भी नहीं सुनी। इस दौरान सुभाष गुर्जर, संजू गुंदियाना, जरनैल सिंह सांगवान, धर्मपाल चौहान एडवोकेट, हरभजन सिंह संधू, सतपाल कौशिक, साहब सिंह गुर्जर एडवोकेट, मंदीप रोड छपर, गुरबीर सिंह, करणवीर सलेमपुर, मोहनलाल मुंडाखेडा, महिपाल चमरोडी, प्यारेलाल तंवर, कृष्णपाल सुढैल, राजकुमार, मानसिह मंडेबर आदि किसान नेता मौजूद रहे।
जाम की स्थिति बनी
किसानों के पहुंचते ही पुलिस ने अंबाला-सहारनपुर पुराने हाईवे को बंद कर दिया। जगाधरी की तरफ बस स्टैंड और अनाजमंडी गेट नंबर एक पर लोहे के अवरोधक लगा दिए। वहीं यमुनानगर की तरफ अनाज मंडी गेट नंबर दो, पंचायत भवन और कन्हैया साहिब चौक पर अवरोधक लगाकर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। इसके चलते मधु रोड और जिमखाना क्लब रोड पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। जिससे जाम की स्थिति बन गई।
हमने एक दिन पहले ही प्रशासन को चेतावनी दी थी कि किसान खेलमंत्री का कार्यक्रम नहीं होने देंगे। प्रशासन ने जानबूझ कर खेलमंत्री को बुलाया। एक मंत्री के लिए पूरी फोर्स लगा दी गई। यहां पर मेयर मदन चौहान आएं थे, उन्होंने किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। उनका विरोध किया गया और काले झंडे दिखाएं गए। तब वह माफी मांगकर वापस गए। -मंदीप रोड छप्पर, निदेशक, भाकियू
संयुक्त किसान मोर्चा का निर्देश है कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं हो जाते, तब तक किसान भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों का विरोध जारी रहेगा। लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर तो कंटीली तार की बाड़ लगा दी गई। यह कंटीली तार देश की सीमा पर आतंकवादियों को रोकने के लिए लगाई जाती है। किसान देशभक्त हैं और अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। -सुभाष गुर्जर, जिलाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
किसान शांतिपूर्वक तरीके से विरोध करने आएं थे। पुलिस प्रशासन ने लोहे के अवरोधक और रस्सी बांधकर रोका गया। लघु सचिवालय को सील कर दिया गया। सरकार जल्द से जल्द कृषि कानूनों को वापस लें अन्यथा किसान अपना आंदोलन तेज करेंगे।- संजू गुंदयानी, जिलाध्यक्ष, भाकियू चढूनी
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देश की जन विरोधी सरकार किसान, खेती, मजदूरों के आंदोलन को हल्के में ना लें। यह आंदोलन सरकार की ईंट से ईंट बजा देगा और देश में एक नया इतिहास लिखने के लिए इतिहासकारों को मजबूर कर देगा। मौजूदा सरकार की जिद्द उसके पतन का कारण बनेगी। -सतपाल कौशिक, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा
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