प्रतिया जलाकर विरोध प्रदर्शन प्रकट करते भारतीय किसान यूनियन के सदस्य।किसान
रादौर। बिजली निगम के निजीकरण और समानांतर लाइसेंस दिए जाने के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों और बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रदेश उपाध्यक्ष दीप राणा और प्रदेश महासचिव अरविंद कंबोज की अध्यक्षता में किसान व कर्मचारी शहीद उधम सिंह कांबोज धर्मशाला में एकत्रित हुए।
यहां से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संबंधित विधेयकों की प्रतियां जलाईं और एसडीएम रादौर को ज्ञापन सौंपकर एग्री डिस्कॉम रद्द करने की मांग की।
किसान नेता दीप राणा और अरविंद कंबोज ने कहा कि सरकार बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में कदम उठा रही है। नूंह और मेवात में बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की बात सामने आई है।
उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण होने से किसानों और आम जनता पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों के ट्यूबवेलों पर मीटर लगाने से भविष्य में उन पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है। इससे किसान और बिजली कर्मचारी दोनों प्रभावित होंगे। संवाद