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‘यूरिया चाहिए तो पहले जिंक खरीदो’

Sun, 19 Jul 2015 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
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जनाब यूरिया मिल जाएगा। यूरिया तो मिल जाएगा भाई, लेकिन उसके साथ जिंक की थैली खरीदनी पड़ेगी। कुछ ऐसा ही जवाब इन दिनों बुड़िया कस्बे में स्थित कुछ फर्टिलाइजर दुकानदार यूरिया खाद लेने आ रहे किसानों को दे रहे हैं। यहीं नहीं दुकानदार किसानों से यूरिया बैग पर प्रिंट रेट से अधिक दाम वसूल रहे हैं।
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बुड़िया स्थित कोआपरेटिव सोसाइटी में बीते एक सप्ताह से यूरिया का स्टॉक समाप्त पड़ा हुआ है। किसानों को भटकना पड़ रहा है। खाद लेने के लिए कुछ किसानों को जगाधरी तक की दौड़ लगानी पड़ी रही है। वहीं कस्बे के कुछ दुकानदारों के पास यूरिया का स्टॉक लगा हुआ है।

जब किसान इन दुकानदारों के पास यूरिया की खरीदारी करने के लिए जाते हैं तो दुकानदार किसानों से यूरिया बैग पर प्रिंट रेट 285 रुपये  के स्थान पर तीन सौ रुपये वसूल रहे हैं। हद तो तब हो जाती है, जब फर्टिलाइजर विक्रेता बिना जिंक खरीदे यूरिया खाद का एक बैग भी नहीं देते।
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शहजादपुर निवासी धर्मवीर व संदीप ने बताया कि वे बुड़िया स्थित कोआपरेटिव सोसाइटी में यूरिया खाद लेने के लिए आए लेकिन यहां उन्हें जवाब मिला कि सोमवार को यूरिया आएगा। इसके बाद वे पंजाब नेशनल बैंक के नजदीक स्थित एक यूरिया खाद की दुकान पर गए। एक दुकान पर तो यूरिया खत्म मिला, जब दूसरी पर गए तो दुकानदार बोला कि यूरिया तो मिल जाएगा, लेकिन उसके साथ जिंक की एक थैली लेने पड़ेगी।

किसानों ने पैसे कम होने की मजबूरी भी बताई, लेकिन दुकानदार बिना जिंक से यूरिया बेचने को तैयार नहीं हुआ। किसानों का आरोप है कि कस्बे में खुलेआम यूरिया के बैग के दुकानदार प्रिंट रेट 285 के बजाय 300 रुपये वसूल रहे हैं। किसानों ने कृषि विभाग कार्यालय में इस संबंध में लिखित में शिकायत कर मांग की है कि उक्त दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

यूरिया खत्म होने पर बढ़ जाती है दिक्कत
कोआपरेटिव सोसाइटी में यूरिया खत्म होते ही दुकानदारों का रंग भी बदल जाता है। जैसे ही दुकानदारों को पता चलता है कि सोसाइटी में यूरिया खत्म हो गया है तो वे अपना रंग दिखाने लगते हैं और 285 रुपये में मिलने वाले यूरिया के एक बैग के 300 रुपये वसूलते हैं। अधिकतर दुकानों पर यूरिया खत्म होने पर जिस दुकानदार के पास यूरिया बचता है तो वे उसके साथ जबरन जिंक या अन्य खाद खरीदने पर ही यूरिया बेचने की बात कहता है।

नहीं लिखा जाता स्टॉक विवरण
किसानों ने बताया कि बुड़िया कोआपरेटिव सोसाइटी में उपलब्ध यूरिया, जिंक, डीएपी व अन्य खाद का विवरण बोर्ड पर अंकित नहीं किया जाता। जबकि नियम के अनुसार हर सोसाइटी के बाहर बोर्ड लगा होता है, जिस पर सोसाइटी में उपलब्ध यूरिया, जिंक, डीएपी व अन्य खाद के स्टॉक के बारे में लिखा जाता है। किसानों का आरोप है कि सोसाइटी में कई बार खाद होता है, लेकिन कर्मचारी अपने चहेते लोगों की यूरिया देते हैं। अगर बोर्ड पर सोसाइटी में उपलब्ध सामग्री का विवरण होगा तो इस पर रोक लगाई जा सकती है।

नहीं करते किसान शिकायत
बहुत से किसान दुकानों से उधार खाद लेते हैं और फसल कटने के बाद दुकानदार का हिसाब करते हैं। इससे किसान दुकानदार के दबाव में रहते हैं। ऐसे में किसान दुकानदार की शिकायत भी नहीं करते। वहीं कुछ छोटे किसान भी एक या दो यूरिया बैग लेने के लिए दुकानदार से संबंध बिगाड़ना नहीं चाहते।

यूरिया की किल्लत नहीं है। डिमांड आने पर सोसाइटी को यूरिया भेज दिया जाता है। दुकानदारों द्वारा यूरिया के साथ जबरन जिंक बेचने व प्रिंट रेट से अधिक दाम पर बेचना गैर कानूनी है। यदि कोई दुकानदार ऐसा करता है तो किसान उनके पास शिकायत करें। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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राकेश कुमार, क्वालिटी इंस्पेक्टर, कृषि विभाग, यमुनानगर।
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