संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कपालमोचन मेले की भीड़ से बचने के लिए व्यासपुर के बजाय छछरौली के रास्ते कार से घर लौट रहे परिवार को ट्रैक्टर ने चपेट में ले लिया। हादसे गांव पांसरा निवासी किसान सुरेंद्र (55) की मौत हो गई और उनका 30 वर्षीय बेटा आकाश, पत्नी कमलेश व साले राजबीर घायल हो गए। थाना छछरौली पुलिस ने राजबीर की ट्रैक्टर छोड़कर भागे चालक पर मामला दर्ज कर लिया।
शिकायत में गांव कोटड़ा खास निवासी राजबीर ने बताया कि गांव पांसरा निवासी उनके जीजा सुरेंद्र अपनी पत्नी कमलेश व बेटे आकाश के साथ तीन अक्तूबर को कार में कोटड़ा खास उनके घर आए थे। ये लोग शाम सात बजे कार में गांव पांसरा वापस जाने के लिए निकले थे। उनकी कार में वह भी उनके साथ चल दिया। कार जीजा सुरेंद्र चला रहे थे। भांजा आकाश आगे बैठा था।
रास्ते में कपाल मोचन मेले की भीड़ देखकर जीजा ने व्यासपुर के बजाय छछरौली का रास्ता अपनाया। इस रास्ते जैसे ही राजकीय विद्यालय छछरौली के सामने ट्रैक्टर चालक तेज रफ्तार में छछरौली बस स्टैंड की ओर से आ रहा था। चालक ने अचानक अपना ट्रैक्टर उनकी कार की तरफ मोड़ दिया। इससे कार ट्रैक्टर की चपेट में आ गई। इससे कार चला रहे जीजा सुरेंद्र व उनके साथ आगे बैठे आकाश गंभीर रूप घायल हो गए। वहीं उसे व उसकी बहन कमलेश को भी चोटें आईं।
हादसे को अंजाम देकर चालक ट्रैक्टर छोड़ कर भाग गया। आसपास के लोगों ने डायल-112 को सूचना दी। साथ ही कार में फंसे जीजा, बहन, भांजे व उन्हें बाहर निकाला और छछरौली के अस्पताल पहुंचाया। जीजा व भांजा आकाश को प्राथमिक उपचार देकर जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर भेज दिया।
परिवार के लोग जीजा व भांजे को निजी अस्पताल ले आए, जहां चिकित्सक ने जीजा सुरेंद्र को मृत घोषित कर भांजे आकाश को भर्ती कर लिया। राजबीर ने बताया कि जीजा सुरेंद्र खेतीबाड़ी करते थे। भांजा आकाश कई साल पहले ऑस्ट्रेलिया से वापस आकर जीजा के काम में सहयोग कर रहा है। मामले के जांच अधिकारी वेदपाल ने बताया मृतक के साले की शिकायत पर अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।