यमुनानगर। जगाधरी के एक निजी स्कूल में परिजनों ने उनकी नौवीं कक्षा की छात्रा से अध्यापक द्वारा छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हालांकि छात्रा से छेड़छाड़ की घटना चार अगस्त की बताई जा रही है। तब टीचर के समर्थन में स्टाफ सदस्य व स्कूल मैनेजमेंट कमेटी आगे आई थी। जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। टीचर ने माफी भी मांगी थी। इसके बाद मैनेजमेंट कमेटी द्वारा प्रिंसिपल का भी ट्रांसफर कर दिया था। लेकिन अब फिर छात्रा के परिजनों ने एक छात्रा की मां को फोन पर अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए व छात्रा से छेड़छाड़ की बात को दोहराते हुए हंगामा किया। परिजन आरोपी टीचर को उनके सामने लाने की बात कह रहे थे। स्कूल प्रिंसिपल ने छात्रा के परिजनों का समर्थन किया। लेकिन स्टाफ सदस्य उसके बीमार होने की बात कहकर छुट्टी पर होने की बात कह रहे थे। स्कूल में हंगामे की सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति की सदस्य व पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें समझाकर शांत किया।
रोते हुए छात्रा ने बताई थी टीचर की करतूत :
जगाधरी की एक कॉलोनी निवासी महिला ने बताया कि उसकी बेटी शहर के निजी स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ती है। चार अगस्त को बेटी स्कूल से जब घर आई तो वह बहुत रो रही थी। उनके पूछने पर उसने बताया कि स्कूल के एक टीचर ने कक्षा में सब बच्चों के जाने के बाद उसे रोक लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें भी की। इससे पहले भी दो बार टीचर ऐसी हरकतें कर चुका था लेकिन उसने किसी को नहीं बताया था। अगले दिन वे स्कूल में पहुंचे जहां पर उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल व ट्रस्ट के डायरेक्टर से बात की। 13 अगस्त को टीचर द्वारा भविष्य में ऐसी गलती न किए जाने की बात मान लेने से दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
टीचर पर कार्रवाई करने की बजाए प्रिंसिपल का कर दिया ट्रांसफर :
महिला ने बताया कि समझौता होने के कुछ दिन बाद आरोपी टीचर ने बेटी की सहेली की मां को फोन कर उसे अपशब्द कहे थे। उसने 23 अगस्त को बाल कल्याण समिति को शिकायत कर दी। शुक्रवार को ही उन्हें पता चला कि स्कूल संस्था ने आरोपी टीचर पर तो कुछ कार्रवाई नहीं की, लेकिन प्रिंसिपल की ट्रांसफर मध्यप्रदेश कर दी है। छात्रा के परिजन शनिवार सुबह स्कूल में पहुंच गए। उनके साथ भारतीय किसान यूनियन के कुछ सदस्य भी थे। क्योंकि पीड़िता छात्रा के परिजन भाकियू के सदस्य से संबंधित हैं। लेकिन यहां पर स्टाफ सदस्यों ने उन्हें बताया कि टीचर बीमार है। इसलिए वो आज छुट्टी पर है। टीचर के छुट्टी पर होने से बाल कल्याण समिति की टीम उनसे नहीं मिल सकी।
प्रिंसिपल की ट्रांसफर रुके, टीचर पर हो कार्रवाई :
छात्रा के परिजनों का कहना है कि जिस टीचर ने छेड़छाड़ की उस पर तो स्कूल संस्था एवं मैनेजमेंट ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा प्रिंसिपल की ही ट्रांसफर कर दी गई। उन्होंने टीचर पर कार्रवाई करने व प्रिंसिपल की ट्रांसफर रोकने की मांग की। प्रिंसिपल की ट्रांसफर रोकने के लिए उन्होंने मैनेजमेंट को पत्र लिखा है।
पूरा मामला झूठा व बेबुनियाद
उधर, स्कूल प्रशासन की ओर से पूरा मामला बेबुनियाद बताया जा रहा है। स्कूल की एक अध्यापिका का कहना है कि जिस अध्यापक पर यह आरोप लगे हैं, वह निहायती शरीफ और ईमानदार है। उसके खुद के बच्चे बहुत बड़े बड़े हैं और वह ऐसी हरकत नहीं कर सकता। वहीं, स्कूल प्रिंसिपल इस बात को सच्चाई के साथ मान रहे हैं कि वह अध्यापक दोषी है और स्कूल प्रशासन और मैनेजमेंट उस अध्यापक को बचाने में लगा हुआ है।
स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले टीचर ने माफी मांग ली थी। स्कूल प्रशासन व सारे टीचर मेरे खिलाफ है। कई बार मेरी इंक्वायरी करवा चुके हैं। अध्यापक पर आरोप लगे थे, तभी उसने माफी मांगी थी।
शिकायत आने पर होगी कार्रवाई :
थाना शहर जगाधरी एसएचओ मनोज कुमार का कहना है कि स्कूल में हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी। परिजनों को समझाकर शांत कर दिया गया था। छात्रा व उसके परिजनों की तरफ से थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। यदि शिकायत आ जाती है तो जो भी कार्रवाई बनेगी कर दी जाएगी।