संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद सोमवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही, समय रहते पीजीआई रेफर नहीं करने का आरोप लगाया। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति शांत कराई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। जगाधरी वर्कशॉप निवासी 60 वर्षीय मनविंद्र कौर पांच बच्चों की मां थीं। मृतका के पति परविंद्र सिंह ने बताया कि नवंबर 2025 में उनकी पत्नी को गर्भाशय संबंधी समस्या हुई थी। इसके बाद वह एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे, जहां उनका ऑपरेशन किया गया। उनका आरोप है कि ऑपरेशन के बाद भी पत्नी की परेशानी खत्म नहीं हुई।
बाद में अस्पताल ने अलग-अलग समय पर तीन बार और ऑपरेशन किए, लेकिन स्वास्थ्य में कोई विशेष सुधार नहीं आया। परविंद्र सिंह के अनुसार 27 जुलाई को उनकी पत्नी की तबीयत फिर से गंभीर हो गई। वह उन्हें दोबारा उसी अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि महिला की हालत गंभीर होने के बावजूद डॉक्टरों ने उन्हें किसी बड़े अस्पताल या पीजीआई रेफर नहीं किया।
परिजनों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड के नाम पर महिला को अंदर ले जाया गया, लेकिन बाद में उनका ऑपरेशन कर दिया गया। इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती चली गई। सोमवार सुबह महिला की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि इलाज में लगातार लापरवाही बरती गई और जब उन्होंने डॉक्टर से सवाल किए तो उन्हें धमकाया भी गया। मौत की सूचना मिलते ही अन्य परिजन अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया।
उल्टी सांस की नली में जाने से हुई मौत : डॉ. अनिल
डॉक्टर अनिल ने सभी आरोपों से इन्कार किया। उनका कहना है कि महिला शुगर की मरीज थी और पहले उनके मस्तिष्क की नस भी फट चुकी थी। डॉक्टर के अनुसार महिला के दिमाग में दोबारा समस्या आई थी, जिसका अस्पताल में किए गए ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने दावा किया कि सोमवार सुबह महिला को उल्टी हुई, जो सांस की नली में चली गई और इसी कारण उनकी मृत्यु हो गई।
परिजनों की मांग पर महिला के शव का चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कुमार, थाना प्रभारी सेक्टर 17 यमुनानगर।
अस्पताल के बाहर मौजूद मृतक महिला के परिजन। संवाद