साढौरा। कस्बे की सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा करीब तीन माह पहले 38 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीन इन दिनों धूल फांक रही है। ऑपरेटर की स्थायी नियुक्ति नहीं होने के कारण मशीन का नियमित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में लाखों रुपये की लागत से खरीदी गई यह मशीन बेकार साबित होती दिखाई दे रही है। इस मुद्दे को लेकर वार्ड-6 के पार्षद एवं सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन नैब सैनी ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 21 मई को इस मशीन का विधिवत शुभारंभ किया गया था।
उस समय दावा किया गया था कि मशीन के संचालन से कस्बे की सड़कों की सफाई अधिक प्रभावी होगी, धूल कम होगी और वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण मिलेगा। साथ ही सफाई व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का लाभ लोगों को मिलेगा। लेकिन कुछ दिनों तक मुख्य मार्गों की सफाई कराने के बाद मशीन को पालिका परिसर में खड़ा कर दिया गया।
पार्षद ने आरोप लगाया कि अधिकारियों से जानकारी लेने पर बताया गया कि मशीन चलाने के लिए स्थायी ऑपरेटर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब मशीन की खरीद की गई थी तो उसके संचालन के लिए ऑपरेटर की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई। मशीन का उपयोग नहीं होना संसाधनों की अनदेखी को दर्शाता है। संवाद
ठेका समाप्त होने सफाई व्यवस्था प्रभावित
एक सप्ताह पहले सफाई का ठेका समाप्त होने के कारण कस्बे की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। कई वार्डों और मुख्य मार्गों पर कचरा और धूल जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि रोड स्वीपिंग मशीन नियमित रूप से संचालित होती तो कम से कम मुख्य सड़कों और प्रमुख गलियों की सफाई जारी रखी जा सकती थी।
यह मशीन मुख्यमंत्री घोषणा के तहत खरीदी गई है। ऑपरेटर की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। नियुक्ति होने के बाद मशीन का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। - नितिन वत्स, सचिव, नगर पालिका साढौरा।