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Yamuna Nagar News: प्रसव के दौरान बच्चे की मौत पर परिजनों का हंगामा

Thu, 06 Nov 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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नवजात की मौत के बाद अस्पताल के बाहर विलाप करते परिजन। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। देसवाल अस्पताल में बुधवार की सुबह प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने डॉक्टर व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर अर्जुन नगर चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। वहीं अस्पताल संचालिका ने आरोपों को निराधार बताया है।
अंबाला के गांव सरदेहड़ी निवासी मंदीप ने बताया कि उनकी 35 वर्षीय पत्नी सलोचना गर्भवती थी। सलोचना को यमुनानगर में किसी परिचित के बताने पर सोमवार को परिवार के लोग जगाधरी के देसवाल अस्पताल लाए थे। इस दौरान सलोचना का अल्ट्रासाउंड कराया तो स्टाफ ने बताया कि बच्चे का वजन तीन किलोग्राम है और वह सामान्य स्थिति में है।
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स्टाफ ने बताया कि डिलीवरी का समय हो चुका है। तब मंगलवार को सलोचना को अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद बुधवार करीब सात बजे स्टाफ सलोचना को ऑपरेशन के लिए ले गया। इसके कुछ मिनट बाद स्टाफ ने आकर बताया कि बच्चा मृत है। मृतका के पति मंदीप व जेठानी पुष्पा व सपना ने आरोप लगाया कि अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ की ओर से इलाज में लापरवाही बरती गई।
परिजन स्टाफ से नॉर्मल डिलीवरी की मांग कर रहे थे, पर ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद स्टाफ ने उन्हें एक लाख रुपये का लालच देकर मामले को रफा-दफा करने की बात कही। इस पर परिवार के लोग भड़क गए और रोष जताते हुए अस्पताल पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पाकर पहुंचे अर्जुन नगर चौकी प्रभारी विनोद कुमार ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया।
अस्पताल की संचालिका डॉ. प्रीति देसवाल ने सभी आरोपों को निराधार बताया। डॉ. प्रीति ने कहा कि प्रोटोकोल के तहत समय-समय पर महिला की जांच की गई। महिला के परिजनों को सिजेरियन के लिए कहा गया था, पर परिजनों की ओर से फैसला लेने में देरी की गई। तब मरीज की हालत बिगड़ने लगी। बच्चे की धड़कन कम होने लगी थी। इस पर सिजेरियन के लिए परिजनों की संतुष्टि ली और ऑपरेशन से प्रसव कराया गया, पर बच्चे की धड़कन नहीं चल रही थी। न तो इलाज में कोई लापरवाही हुई और न गर्भवती के परिजनों को किसी प्रकार का लालच नहीं दिया गया है।
सात साल बाद बेटा होने की थी उम्मीद
मृतका के पति मंदीप ने बताया कि उनकी चार बेटियां है। विवाह के सात साल के बाद बेटा होने की उम्मीद थी। इस पर परिवार के लोग खुश थे, पर सलोचना की डिलीवरी के दौरान नवजात बेटे की खबर मिलने से खुशियां मातम में बदल गईं।
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परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनकी मांग पर बच्चे के शव का वीरवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।- विनोद कुमार, प्रभारी, अर्जुन नगर चौकी।
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