फाइनेंस वाहनों की फर्जी आरसी बनाने के मामले में मास्टरमाइंड आरोपी अमित और एमआरसी राजेंद्र डांगी का वीरवार को रिमांड पूरा हो गया। छह दिन बाद यमुनानगर एसआईटी ने राजेंद्र डांगी को फिर से कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट से राजेंद्र को फिर से पांच दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं मास्टरमाइंड कंप्यूटर ऑपरेटर अमित को सिरसा पुलिस ने एक दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लिया है। शुक्रवार को पुलिस अमित को कोर्ट में पेश करेगी। बताया जा रहा है कि अमित और राजेंद्र से पुलिस को जो फाइल व दस्तावेज चाहिए थे वे अभी तक नहीं मिल पाए हैं।
रिमांड के दौरान पुलिस ने एमआरसी राजेंद्र डांगी से एक लाख रुपये बरामद किए हैं, जबकि आरोपी अमित से 22 लाख के बाद तीन लाख रुपये और बरामद किये गये हैं। तीन दिन से पुलिस दोनों को लेकर ई-दिशा केंद्र के ऊपर बने रिकार्ड रूम में फाइलें ढूंढने के लिए ला रही है, लेकिन केस संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं। एसआईटी सदस्य इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने राजेंद्र को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी अमित को पुलिस ने एक दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लिया है। वहीं अब तक अमित स्वयं को पाक साफ बता रहा है। उसका कहना है कि उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।
करोड़ों का है खेल, 25 लाख ही बरामद
फर्जी आरसी का खेल करोड़ों रुपये का है, लेकिन अभी तक इसमें पुलिस को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। बिलासपुर एसडीएम कार्यालय में 29 वाहनों का मामला है तो यमुनानगर एसडीएम कार्यालय में पांच सौ से ज्यादा वाहनों के रजिस्ट्रेशन का मामला है। पुलिस इसमें तीनों आरोपियों से सिर्फ सवा 25 लाख रुपये बरामद कर पाई है। जबकि खेल साढ़े तीन से चार करोड़ रुपये का है।