सरकारी स्कूलों में समय पर किताबें पहुंचने का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि बोर्ड का नया कारनामा सामने आ गया।
जगाधरी के सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों का 12वीं कक्षा का परीक्षा केंद्र कैंप में बना दिया। जो कि स्कूल से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर है। अभिभावक व बच्चे पसोपेश में है कि इतनी दूर परीक्षा देने कैसे जाया जाएगा, क्योंकि कोई भी वाहन स्कूल से सीधा कैंप के स्कूल तक नहीं जाता।
हालांकि स्कूल प्रिंसिपल और अभिभावकों ने इस संदर्भ मे बोर्ड के अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारियों से फोन, ई-मेल के जरिये संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
मंगलवार से से 12वीं कक्षा की परीक्षा शुरू हो गई। जगाधरी के झंडा चौक के पास स्थित सीनियर सेकेेंडरी स्कूल का परीक्षा केंद्र कैंप के सरकारी स्कूल में बनाया गया है। इस संदर्भ में आठ अक्टूबर को स्कूल को सूचित किया गया। जब विद्यार्थियों व अभिभावकों को सेंटर के बारे में सूचना मिली तो सभी हस्तप्रद रह गए।
हालांकि इसके बाद स्कूल प्रिंसिपल नवीन जोशी ने जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत कौर और बोर्ड के अधिकारियों से भिवानी में बात की, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकल पाया।
साढ़े तीन सौ विद्यार्थियों को होगी परेशानी
जगाधरी के इस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा में 350 विद्यार्थी हैं। जो कि शहर की कॉलोनियों के अलावा आसपास के गांवों से आते हैं।
हालांकि बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा के लिए स्कूलों में ही परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, स्कूल के अधिकारियों का कहना है कि इस बार इंटरनेट के जरिये परीक्षा के आवेदन फार्म भरे गए थे, जिस कारण यह गलती हुई है।
छात्राआें के लिए बड़ी मुसीबत-
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल से कैंप तक जाने के लिए विद्यार्थियों को दो से तीन वाहन तब्दील करने पडे़ंगे। इसमें समय की बर्बादी तो होगी ही साथ ही उन पर आर्थिक बोझ भी पडे़गा।
सबसे ज्यादा दिक्कतें छात्राओं को होगी। बोर्ड ने परीक्षा का समय दोपहर को ढाई से शाम के साढे़ पांच बजे तक निर्धारित किया है। सर्दी का मौसम होने की वजह साढे़ पांच बजे के करीब अंधेरा होना शुरू हो जाता है।
परीक्षा केंद्र से घर पहुंचने के लिए वाहन की सीधे तौर पर वाहन की सुविधा न होने की वजह से छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अभिभावक हरिशचंद्र, वेदप्रकाश, मदन लाल, मीनाक्षी, परीक्षार्थी रीतू, प्रीति, कोमल, जया, सीमा, राहुल, रेनू, विकास, अनिल, सुरेश और अंकित का कहना है कि स्कूल से आठ किलोमीटर की दूरी पर परीक्षा केंद्र बनने की वजह से उनकी चिंताएं बढ़ गई है।
संपर्क किया था, लेकिन समाधान नहीं हुआ
यमुनानगर के कैंप क्षेत्र
में परीक्षा केंद्र बनने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी और बोर्ड के
अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन इस संबंध में कोई समाधान नहीं हो
पाया। अब विद्यार्थियों को कैंप मेें ही परीक्षा देने के लिए जाना पडे़गा।
जिस कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पडे़गा।
नवीन जोशी, प्रिंसिपल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जगाधरी।