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एचटेट : 4762 अभ्यर्थियों ने दी लेवल एक और दो की परीक्षा

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अपने एडमिट कार्ड चैक करवाती महिला - फोटो : Yamuna Nagar
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जिले के शिक्षण संस्थानों में रविवार को हरियाणा टीचर एलिजिबिटी टेस्ट लेवल-टू और वन की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। लेवल टू की परीक्षा का समय सुबह 10 से साढ़े बारह बजे तक का रहा और लेवल वन की परीक्षा दोपहर 3 से साढ़े पांच बजे तक का रहा। परीक्षा केंद्रों पर काफी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। परीक्षा के लिए जिले में नौ परीक्षा केंद्र बनाएं गए थे। सुबह की शिफ्ट में 2793 बच्चों का पेपर था, जिसमें से 2606 परीक्षा देने पहुंचे। जबकि 187 बच्चे अनुपस्थित रहे। वहीं शाम की शिफ्ट में 2267 बच्चों की परीक्षा थी, जिसमें से 2156 बच्चे परीक्षा देने पहुंचे। वहीं 11 बच्चे अनुपस्थित रहे।
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परीक्षार्थियों को केंद्र में परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले ही प्रवेश देना शुरू कर दिया था। सभी परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र की जांच के बाद ही उन्हें केंद्र में प्रवेश दिया गया। इस दौरान उनकी फोटो भी खींची गई। परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में केवल एक आईडी कार्ड, एडमिट कार्ड के साथ एक बॉल पेन ही ले जाने दिया गया। बाकी सामान बाहर रखवा लिया गया। महिला परीक्षार्थियों को आभूषण पहन कर भी परीक्षा हॉल में प्रवेश करने की इजाजत नहीं मिली। जो महिलाएं अंगूठी, चेन, बालियां आदि पहन कर गई थी, उनके आभूषण बाहर ही रखवा लिए गए। इस दौरान परीक्षार्थियों को अपने सामान की सुरक्षा से संबंधित अनेक परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। शाम साढ़े पांच बजे तक चली परीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की ओर से काफी सख्ती देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों के बाहर भी पुलिस के जवान गश्त करते रहे। परीक्षा के दौरान हॉल में वीडियोग्राफी भी कराई गई। इसके अलावा सभी कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। जिनके जरिए अधिकारी परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर नजरें गड़ाए हुए थे।
प्रदेश सरकार ने इस बार पहले ही फैसला ले लिया था कि एचटेट गृह जिले में ही होगा। इस फैसले का सबसे अधिक फायदा महिलाओं को हुआ है। अक्सर महिलाओं को दूर दराज स्टेशनों पर जाने में परेशानी होती थी। लेकिन इस बार एचटेट की परीक्षा के दौरान उनके चेहरों पर खुशी साफ नजर आ रही थी। पहले ये महिलाएं 200 किलोमीटर दूर तक परीक्षा देने के लिए जाती थी। लेकिन अब गृह जिले में परीक्षा केंद्र होने के कारण सेंटरों में महिलाओं की संख्या भी अधिक रही। महिलाओं ने खुद बताया कि उनका आधा समय तो सफर में कट जाता था। दूर सेंटर होने के कारण वे परीक्षा देने के लिए नहीं जाती थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है।
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सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत परीक्षार्थियों की जांच की गई। प्रवेश-पत्र के साथ पहचान पत्र की जांच कर बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज करवाई गई। परीक्षा को नकल मुक्त संपन्न करवाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए गए थे। इस बार परीक्षाएं गृह जिलों में होने के कारण अभ्यार्थियों की उपस्थिति में पिछली परीक्षाओं की तुलना में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
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