यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में बेहतर रैंकिंग के लिए निगम द्वारा विभिन्न गतिविधियों की जा रही है। जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, प्रतियोगिताएं, वाल पेंटिंग, डोर टू डोर जाकर लोगों को जागरूक करने समेत विभिन्न तरीकों से शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
अब निगम द्वारा लोगों को स्वच्छ सर्वेक्षण में अच्छे नंबर के लिए ऑनलाइन सिटीजन फीडबैक देने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी को लेकर शुक्रवार को अतिरिक्त निगम आयुक्त डा. विजय पाल यादव ने स्वच्छ सर्वेक्षण में जुटी टीम व सक्षम कर्मियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कर्मचारियों को समझाया कि सिटीजन फीडबैक के लिए डोर टू डोर घर-घर जाकर व जागरूकता कार्यक्रम कर शहरवासियों से सकारात्मक सिटीजन फीडबैक देने के लिए जागरूक करें और उन्हें स्वच्छ भारत मिशन शहरी पोर्टल पर ऑनलाइन सिटीजन फीडबैक फॉर्म भरने की जानकारी दी। उन्होंने हर कर्मी को रोजाना 50 से अधिक लोगों के सिटीजन फीडबैक फार्म भरने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त निगम आयुक्त डा. विजय पाल यादव ने कहा कि निगम आयुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशों पर स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक दिलाने को लेकर निगम द्वारा विभिन्न गतिविधियों की जा रही है। सफाई कार्याें में तेजी लाई गई है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। लोगों को वेस्ट से बेस्ट बनाने, पार्कों में कंपोस्ट पिट, ट्रिपल आर सेंटर, एमआरएफ सेंटर, डोर टू डोर कचरा उठान व अन्य कार्य बेहतर किए जा रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण में सिटीजन फीडबैक के भी नंबर है। जितने ज्यादा सिटीजन फीडबैक देंगे। उतने अधिक अंक निगम को मिलेंगे और अच्छा रैंक होगा। उन्होंने नगर वासियों को अधिक से अधिक सिटीजन फीडबैक देने की अपील की।
उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी निवासी स्वच्छ भारत मिशन अर्बन की साइट पर जाकर स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अपनी सकारात्मक फीडबैक दें। फीडबैक देने के लिए सबसे पहले गूगल में https://sbmurban.org/feedback लिंक को ओपन करें। गेट स्टार्ट का बटन दबाएं। अपना मोबाइल नंबर, जिले व शहर का नाम डाले। इसके पश्चात भाषा का चुनाव करके पूछे गए 10 प्रश्नों का सही जवाब दें। अंत में ओटीपी भरकर सिटीजन फीडबैक फॉर्म की प्रक्रिया को पूरा करे। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि यमुनानगर-जगाधरी आपका अपना शहर है। इसे सुंदर, साफ व स्वच्छ बनाने में निगम का सहयोग करें। खुले में गंदगी न फैलाएं। निगम के वाहनों को सूखा व गीला कचरा अलग अलग करके दें। पॉलिथीन का इस्तेमाल न करें। सामान लाने के लिए घर से कपड़े का थैला ले जाए। वेस्ट सामान से बेहतर चीजें बनाए।