संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के 33 निजी अस्पतालों में लगातार तीसरे दिन भी आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं हुआ। रक्षाबंधन पर्व के चलते अस्पतालों में मरीज नाममात्र पहुंचे, पर योजना के तहत रोज होने वाले औसत 23 के हिसाब से तीन दिन में 70 ऑपरेशन लटक गए। अन्यथा तीमारदारों को जेब से पैसा देकर या सरकारी अस्पतालों से ऑपरेशन कराने पड़े हैं। अन्य मरीज भी तीमारदारों संग इलाज के लिए भटक रहे हैं।
आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के जगाधरी-यमुनानगर के पदाधिकारियों ने शनिवार को जिमखाना क्लब में बैठक बुलाई। इसमें आयुष्मान योजना के पैनल से जुड़े अस्पतालों के संचालक व प्रतिनिधि पहुंचे। बैठक बाद प्रेस वार्ता कर पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा जब तक योजना के तहत किए जाने वाले इलाज का समय पर भुगतान करने सहित अन्य कमियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करेंगे।
साथ ही चेताया कि योजना के अनुबंधित किसी भी अस्पताल को पैनल से हटाया गया या उस पर अन्य कोई कार्रवाई की गई तो योजना से जुड़े जिले के सभी अनुबंधित अस्पताल योजना से बाहर हो जाएंगे। मौके पर आईएमए से डॉ. इश चड्ढा, डॉ. प्रशांत गर्ग, डॉ. वरुण गर्ग, डॉ. ऋषभ गर्ग, डाॅ. कुलजिंद्र सोढ़ी, डॉ. लोकेश गर्ग, डॉ. दिनेश गर्ग, डॉ. रिपुदमन उपस्थित रहे।
निजी अस्पताल के बाहर चस्पाया गया आयुष्मान योजना से इलाज बंद किए जाने का नोटिस।