संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। करीब 82 लाख रुपये से कराए जा रहे नवीनीकरण के बाद भी ट्रामा सेंटर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि उनका काम पूरा हो चुका है। केवल फिनिशिंग कार्य बाकी है। स्वास्थ्य विभाग जब चाहे उनसे ट्रामा सेंटर का भवन ले सकता है।
वहीं ट्रामा सेंटर में अभी तक न तो फायर सेफ्टी का प्रबंध है और न ही सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। यहां तक की ट्रामा सेंटर का सबसे जरूरी हिस्सा इसमें ऑक्सीजन पाइप लाइन व वेक्यूम लाइन होती है। वह भी अभी तक इसमें नहीं लग पाए हैं।
इसके बिना गंभीर मरीजों का इलाज संभव नहीं है। ऐसे में आधा-अधूरा भवन स्वास्थ्य विभाग के लिए गले की फांस न बन जाए। ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण कार्यों पर करीब 90 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लगभग आधी-आधी राशि से पीडब्ल्यूडी सिविल व बिजली शाखा की ओर से कार्य करवाए गए हैं। सिविल वर्क तो लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बिजली का काम अभी जारी हैं।
कार्य पूरे न होने के कारण यह सेंटर पिछले लगभग एक साल से शुरू नहीं हो सका है। इसका सीधा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि डेढ़ साल से ट्रामा सेंटर जिला नागरिक अस्पताल के भवन में शिफ्ट है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कहा जा चुका है कि वह भवन को जल्द से जल्द हैंडओवर करें। परंतु आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल रहा।
वीरवार को सिविल सर्जन ने ट्रामा सेंटर के अधूरे कार्यों को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में भवन में मौजूद कमियों और अधूरे कार्यों की समीक्षा भी की। सिविल सर्जन ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने जल्द से जल्द काम पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि काम पूरा कर ट्रामा सेंटर का भवन जल्द स्वास्थ्य विभाग को सौंपे, जिससे जिला अस्पताल से मरीजों को स्थानांतरित कर यहां इलाज किया जाए।
दो बार लग चुकी है आग
जब इसी भवन में ट्रामा सेंटर चल रहा था तो इसमें दो बार आग लग चुकी है। एक बार तो ऑपरेशन थियेटर में आग लग गई थी। समय रहते आग को बुझा दिया गया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसे पहले भी एक बार आग लग गई थी जिसमें सामान जल गया था। जब नवीनीकरण का ठेका दिया गया था तो स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दावा किया जाता था कि इसमें आग से बचाव के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी होंगे। परंतु इनमें से अभी तक कोई काम नहीं हो पाया है।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से कहा है कि वह जल्द से जल्द ट्रामा सेंटर का भवन उन्हें हैंडओवर करें। फायर सेफ्टी का इंतजाम पुराने भवन में पीडब्ल्यूडी द्वारा नहीं किया जाता। इसलिए इसमें आग बुझाने के लिए सिलिंडर ही रखे जाएंगे। सीसीटीवी भी जल्द लग जाएंगे। वहीं ट्रामा भवन में ऑक्सीजन व वेक्यूम पाइप लाइन स्वास्थ्य विभाग खुद ही लगवाएगा। भवन मिल जाए तो यह सारे काम करवा दिए जाएंगे। - डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।