संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में डेंगू के अब तक 11 केस मिल चुके हैं। सोमवार को भी डेंगू का एक मरीज मिला। बावजूद इसके नगर निगम अधिकारियों ने अभी तक शहर में फॉगिंग शुरू नहीं करवाई है। ऐसा भी नहीं है कि नगर निगम के पास फॉगिंग के लिए दवाई नहीं है। करीब 25 दिन पहले जिला मलेरिया विभाग ने नगर निगम को 200 लीटर पायरोथ्रम दवा फॉगिंग के लिए दी थी।
शहरवासियों के फोन लगातार अपने वार्ड के पार्षदों के पास आ रहे हैं। अधिकारी कभी बारिश होने तो कभी फॉगिंग कराने के आदेश नहीं होने जैसी बातें पार्षदों को बता रहे हैं। गत वर्ष जुलाई में ही फॉगिंग शुरू हो गई थी, लेकिन इस बार अगस्त माह बीतने को है, फिर भी फॉगिंग नहीं करवाई गई।
गर्मी, उमस और पानी भरने की वजह से अक्सर मच्छर पनपने के लिए सही वातावरण मिल जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मानसून में मच्छरों से होने वाली बीमारियों में डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार आदि शामिल हैं। शहर में कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां हल्की सी बारिश में जलभराव की स्थिति हो जाती है। जिस कारण शहर में मच्छर अब तेजी से पनपने लगे हैं।
सोमवार को जिले में 5013 घरों की जांच की गई, जिनमें से 106 में लारवा पाया गया। अब तक 6074 लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस थमाए गए हैं। वार्ड 19 के पार्षद हरजीत आनंद का कहना है कि सीएसआई अनिल नैन ,े कहा भी था कि बारिश का मौसम चल है। मेरे वार्ड में आठ गांव ससौली, खेड़ी रांगड़ान, गोबिंद विहार, श्याम विहार, राम नगर, पंजेटो माजरा, मंडेबरी, फूंसगढ़ व पीर माजरा शामिल हैं।
बारिश की वजह से मच्छरों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। फॉगिंग करवाने के लिए लोगों के बार-बार फोन आ रहे हैं। वार्ड 12 के पार्षद तिलक राज ने बताया कि फॉगिंग के लिए लोगों के फोन आने लगे हैं। नगर निगम की तरफ से अभी फॉगिंग नहीं करवाई गई है।
इस बारे में नगर निगम के सीएसआई विनोद बैनीवाल से बात की थी, उन्होंने कहा था कि अभी फॉगिंग के लिए सिविल सर्जन के आदेश नहीं हैं। वार्ड 11 की पार्षद संतोष का कहना है मेरे वार्ड में भी नगर निगम की तरफ से अभी तक फॉगिंग नहीं करवाई गई है।
डेंगू से पीड़ित बुजुर्ग पीजीआई में भर्ती
जगाधरी की विजय नगर कॉलोनी में 57 साल के व्यक्ति को डेंगू कंफर्म हुआ है। उनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है। आठ अगस्त से उन्हें बुखार हो रहा था। आराम नहीं होने पर उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया था। डेंगू की जांच के लिए उनका सैंपल लिया गया जो पाॅजिटिव आया।
नगर निगम को फॉगिंग के लिए 200 लीटर पायरोथ्रम दवा जुलाई के आखिरी सप्ताह में दी गई थी। जिसके घर में डेंगू पॉजिटिव केस आता है, उसके अंदर फॉगिंग जरूर करनी होती है। उसके आसपास के घरों के अंदर व बाहर भी फॉगिंग कराई जानी है। फॉगिंग के लिए रोजाना नगर निगम को ई-मेल की जा रही है। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया।