संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। तहसील छछरौली को 9 मई 2023 को सरकार ने उपमंडल का दर्जा दिया था। इसके बावजूद भी उपमंडल स्तर की सुविधाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो पाई हैं। इसको लेकर उपमंडल क्षेत्र के लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि जिस उद्देश्य से छछरौली को उपमंडल बनाया गया था, वह उद्देश्य अब तक पूरा नहीं हो सका है।
छछरौली उपमंडल के अंतर्गत एक तहसील छछरौली और एक उपतहसील प्रतापनगर आती है। इसके अलावा उपमंडल क्षेत्र में करीब 135 गांव और लगभग 100 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इतने बड़े क्षेत्र और भारी आबादी के बावजूद प्रशासनिक सुविधाओं का अभाव लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को बढ़ा रहा है।
एसडीएम रोहित कुमार का कहना है कि उपमंडल को अथॉरिटी नंबर अलॉट हो चुका है। आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार को पत्र भेजा गया है। फरवरी के पहले सप्ताह तक वाहन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। क्षेत्रवासियों को अब प्रशासनिक दावों के धरातल पर उतरने का इंतजार है।
स्थानीय निवासी रोहित पुंज ने बताया कि छछरौली ऐतिहासिक रूप से राजा रवि शेर सिंह की कलसिया रियासत का हिस्सा रही है। वर्षों की मांग और संघर्ष के बाद जब सरकार ने उपमंडल का दर्जा दिया, तो क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि अब सभी प्रशासनिक कार्य छछरौली में ही हो सकेंगे, लेकिन हकीकत में उपमंडल केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है।
एडवोकेट शिवम मंगला ने बताया कि छछरौली उपमंडल का क्षेत्र पहले व्यासपुर उपमंडल के अंतर्गत आता था। आज भी वाहन रजिस्ट्रेशन जैसी अहम सुविधा के लिए लोगों को वहां जाना पड़ता है। छछरौली उपमंडल को एचआर-92 अथॉरिटी सीरीज पहले ही अलॉट हो चुकी है। रजिस्ट्रेशन सुविधा शुरू न होना उदासीनता को दर्शाता है। सुविधा यहीं शुरू हो जाए तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
मोहित कोतरा ने कहा कि उपमंडल बने दो साल पूरे होने के बावजूद एसडीएम कार्यालय की अलग से कोई इमारत नहीं बन पाई है। वर्तमान में एसडीएम कार्यालय तहसील भवन के एक छोटे से कमरे में संचालित हो रहा है। अधिकतर ग्रामीणों को यह तक जानकारी नहीं है कि छछरौली में एसडीएम कार्यालय कार्यरत है। इससे साफ है कि उपमंडल स्तर की व्यवस्था को गंभीरता से लागू नहीं किया गया।
मोहित कोतरा- फोटो : udhampur news
मोहित कोतरा- फोटो : udhampur news
मोहित कोतरा- फोटो : udhampur news