- रवि योग की शुरुआत छह सितंबर को सुबह नौ बजकर 27 मिनट से होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। गणेश चतुर्थी का पर्व पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होता है और 10 दिनों तक मनाया जाता है। गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि माना जाता है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को ही गणेश जी का जन्म हुआ था। साल 2024 में यह तिथि सात सितंबर को है। इस दिन भक्त अपने घर में गणेश स्थापना भी करते हैं।
इस बार गणेश चतुर्थी के दिन कई शुभ योग भी बनने जा रहे हैं। जिसके चलते यह त्योहार और भी शुभ फलदायक बन गया है। इस दिन रवि और सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा इसके साथ ही पूरे दिन भर ब्रह्म योग भी विराजमान रहेगा। रवि योग की शुरुआत छह सितंबर को सुबह नौ बजकर 27 मिनट से हो जाएगी और सात सितंबर को दोपहर लगभग एक बजकर 30 मिनट तक यह योग रहेगा। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग इस दिन दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से अगले दिन यानि आठ सितंबर तक बना रहेगा। इन शुभ योगों का लाभ आप बप्पा का भजन कीर्तन करके पा सकते हैं। इस दौरान गणेश जी के मंत्रों का जप करने से भी आपको विशेष लाभ की प्राप्ति होगी।
गणेश स्थापना शुभ मुहूर्त:
गणेश चतुर्थी के दौरान कई भक्त घर में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करते हैं। बप्पा की कृपा आपको प्राप्त हो इसलिए गणेश जी की स्थापना सही मुहूर्त में करनी चाहिए। गणेश स्थापना के लिए इस बार शुभ समय सुबह सात सितंबर को 11 बजकर दो मिनट से दोपहर एक बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस दौरान गणेश जी की स्थापना के साथ ही आप बप्पा की पूजा भी कर सकते हैं। अगर सही मुहूर्त में आप बप्पा को घर में विराजमान करते हैं तो जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति आपको होती है।
गणेश चतुर्थी के दिन इन मंत्रों का जप करने से मिलेगा लाभ:
वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभा।निर्विघ्नम कुरु में देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
ॐ गं गणपतये नमो नमः ।
ॐ एकदन्ताय विदम्हे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।