संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ईएसआई अस्पताल की व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में हैं। अस्पताल में बेड पर फटे हुए गद्दे पड़े हैं। जिस बेड पर गद्दों की यह हालत है वह डेंगू वार्ड है। वार्ड की हालत से अंदाजा लगाया जा सकता है कि लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। बहुत से मरीजों को बेड पर बिछाने के लिए चादर तक उपलब्ध नहीं कराई जाती।
हालात यह हैं कि मरीजों के साथ आए तीमारदारों को खुद ही व्यवस्थाएं संभालनी पड़ रही हैं। अधिकतर मरीज घर से अपनी चादर लेकर आ रहे हैं। अस्पताल में बेड पर लगे गद्दे जगह-जगह से फटे हुए हैं, जिससे न केवल असुविधा होती है बल्कि संक्रमण का खतरा भी बना रहता है। कई बार जब नर्सिंग स्टाफ चादर लेकर आता भी है, तो उसे बेड पर बिछाने की जिम्मेदारी तीमारदारों को ही दे दी जाती है।
कुछ मामलों में तो बिना चादर के ही मरीजों को बेड पर लिटाया जा रहा है। अस्पताल की अन्य सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। दवाइयां और अन्य जरूरी सामान रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली ट्रालियों पर जंग लग चुका है। मरीजों का कहना है कि वे इन ट्रालियों पर अपनी दवाइयां रखने से भी डरते हैं, क्योंकि इससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। यह अस्पताल मुख्य रूप से विभिन्न निजी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिजनों के इलाज के लिए है। ऐसे में यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तीमारदारों में भोजन व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी है।
उनका कहना है कि अस्पताल की ओर से भर्ती मरीजों को दिन में तीनों समय भोजन तो दिया जाता है, लेकिन खाने के लिए थाली उपलब्ध नहीं कराई जाती। मरीजों और परिजनों से अपनी थाली खुद लाने के लिए कहा जाता है। पहले अस्पताल की ओर से ही थालियों में भोजन परोसा जाता था। स्टाफ कहता है कि उनके पास थाली नहीं है। आपकी तरह दूसरे मरीज आते हैं वह थाली अपने साथ ले जाते हैं। इसलिए उनके पास अब थाली नहीं बची है।
ईएसआई अस्पताल में मरीज के पास रखी जंग लगी ट्राली। संवाद
ईएसआई अस्पताल में मरीज के पास रखी जंग लगी ट्राली। संवाद
ईएसआई अस्पताल में मरीज के पास रखी जंग लगी ट्राली। संवाद