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Yamuna Nagar News: उद्यमियों को बजट में राहत की उम्मीद

Tue, 28 Jan 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को सुबह 11 बजे संसद में आम बजट पेश करेंगी। इस बजट पर जहां हर वर्ग की नजर है, वहीं ट्विन सिटी के डगमगाते उद्योग को उभारने के लिए कई बड़ी उम्मीदें भी हैं। चूंकि पिछले काफी समय से व्यापारी तथा कारोबारी काफी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं।
जगाधरी शहर का बर्तन उद्योग विश्व भर में मशहूर है। यहां पर एक्सपोर्ट क्वालिटी के बर्तन बनते हैं और विश्व के विभिन्न देशों में सप्लाई किए जाते हैं। कुछ साल से इसमें काफी मंदी आई है। जगाधरी शहर में बर्तन उद्योग की छोटी बड़ी करीब 1200 इकाइयां हैं। जिसमें करीब 800 से 850 इकाइयां छोटी और सामान्य स्तर की हैं।
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करीब 350 से 400 इकाइयां बड़े स्तर पर बर्तन उत्पादन करती हैं। इन ईकाइयों में प्रतिदिन करीब दो सौ टन बर्तन बनता है। यहां पर बने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बंगाल, उड़ीसा, कर्नाटक, चेन्नई सहित देश के लगभग सभी राज्यों में जाता है। इसके अलावा अफ्रीका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, आस्ट्रिया, दुबई, कुवैत सहित कई देशों में माल जाता है।
व्यापारी विभोर पहुजा ने कहा कि जगाधरी की पहचान बर्तन कारोबार के कारण है। परंतु कुछ सालों से शहर का विश्व प्रसिद्ध उद्योग मंदी की मार झेल रहा है। इसका कारण नियमों में सख्ती व जीएसटी है। व्यापारी बर्तन पर जीएसटी कम करने की मांग कई बार कर चुके हैं। इस बजट में भी व्यापारियों को मेटल उद्योग पर राहत की आस है। वहीं जीएसटी नियमों को सरल बनाया जाए।

द मेटल मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा का कहना है कि मेटल व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मेटल में सेल पर 12 फीसदी और कच्चे माल पर 18 फीसद जीएसटी देना पड़ रहा है। सरकार को जीएसटी को कम करना चाहिए। जगाधरी मेटल नगरी में हर घर में बर्तन बनाने का काम चलता है। सरकार कर में उद्योगों को राहत दे।
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हरियाणा प्लाईवुड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान जेके बिहानी ने कहा कि बजट में सरकार को प्लाईवुड उद्योग के लिए विशेष प्रावधान करना चाहिए। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत जीएसटी की है। सरकार को जीएसटी की प्रक्रिया सरल बनानी चाहिए लकड़ी की जो ट्रॉली पहले 80 से 90 हजार रुपये की मिलती थी, अब वह करीब ढाई से पौने तीन लाख रुपये की पड़ती है।
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