संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जन स्वास्थ्य विभाग जगाधरी कार्यालय में हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन की बैठक हुई। बैठक में समस्याओं पर चर्चा की गई। साथ मांगों की अनदेखी पर सरकार के खिलाफ रोष जताया गया।
जिसमें यमुनानगर, छछरौली, रादौर, साढौरा और जगाधरी ब्रांच का सालाना वित्तीय लेखा-जोखा का आंकलन किया गया। प्रांतीय उप प्रधान एवं जिला प्रधान श्याम सिंह रावल, मुख्य प्रांतीय प्रवक्ता और ब्रांच यमुनानगर के प्रधान संजीव बग्गा ने वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की।
जिला प्रधान श्याम सिंह रावल व जिला महासचिव सतीश शर्मा ने कहा कि संगठन कर्मचारियों के हित में सरकार व अधिकारियों से समय-समय पर मिलता रहता है और कर्मचारियों की मुख्य मांगों के बारे में उनसे गहन चर्चा कर उनका समाधान करने का प्रयास करता रहता है। ब्रांचों के पदाधिकारियों ने सरकार के प्रति नाराजगी दर्ज करते हुए कहा कि 2022 में कौशल विभाग का सरकार द्वारा गठन किया गया था।
अधिकारियों की लापरवाही से जॉब सिक्योरिटी को अभी तक सही तरीके से क्रियान्वित नहीं किया जा सका। सरकार ऐसे अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करें ताकि कौशल विभाग के कर्मचारियों के साथ न्याय हो सके। सरकार को सभी विभागों में जिनके पांच वर्ष नहीं हुए उनको निकालने का जो प्रयास कर रही है उस पर तुरंत रोक लगाई जाए। यह कर्मचारी के हित में नहीं है।
इससे सरकार की करनी और कथनी में अंतर मालूम होता है। संजीव बग्गा और श्याम सिंह रावल ने कहा कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों को सरकार द्वारा दी जाने वाली मेडिकल कैशलेस सुविधा को पूरी ईमानदारी से लागू किया जाए। यह घोषणा केवल मात्र घोषणा ही बनकर रह गई है।
किसी भी सरकारी कर्मचारियों को अस्पताल में इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा। इसे अभी सरकार तुरंत प्रभाव से लागू नहीं करवा सकी। इसमें कर्मचारियों को काफी आर्थिक नुकसान और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर जगाधरी के प्रधान कुलबीर सिंह, अल्केश कुमार, अमर सिंह, छछरौली के प्रधान सुभाष श्योराण, पंकज तंवर, रविंद्र कुमार, साढौरा ब्रांच के प्रधान सलीम खान, गुरमेल एवं अख्तर, रादौर के प्रधान जिग्नेश कुमार, बलदेव कुमार मौजूद रहे।