संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ताजेवाला गांव स्थित अवेस्ता फाउंडेशन के आश्रम में घुसकर आरोपियों सामाजिक कार्यकर्ता अंधेरी वेस्ट मुंबई निवासी नाज पटेल के साथ मारपीट की। आरोपियों पर आश्रम चलाने के नाम पर उससे 50 हजार रुपये मंंथली मांगने का भी आरोप है। गांव के सरपंच पर भी आरोपियों का पक्ष लेने व आश्रम खाली करवाने का दबाव डालने का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले में सरपंच समेत चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आश्रम संचालिका नाज पटेल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने गांव ताजेवाला में अवेस्ता फाउंडेशन के नाम से आश्रम चलाया हुआ है। जो कि दिल्ली की रजिस्टर्ड संस्था है। आश्रम में सड़क पर घूम रहे असहाय लोगों को रखा जाता है। 22 जनवरी को लाइट गई हुई थी। इस दौरान वह आश्रम में आग सेक रही थी। तभी गांव ताजेवाला निवासी नासिर, फिरोज व गांव खिजरी निवासी जावेद उसके आश्रम में घुस गए।
आरोपियों ने फोन से वीडियो बनानी शुरू कर दी और उसके साथ अभद्र भाषा बोलने लगे। आरोपी उसे आश्रम बंद करने के लिए कहने लगे। आरोपियों ने कहा कि अगर उसे आश्रम चलाना है तो उसे 50 हजार रुपये मंथली देने होंगे। इस दौरान उसने सरपंच जाकिर हुसैन पर फोन करके उसे बुला लिया। आरोप है कि सरपंच ने उसकी एक न सुनी और आरोपियों का साथ देने लगा।
सरपंच ने उसे रेजुलेशन डालकर आश्रम को उठाने की धमकी दी और आश्रम चलाने के बदले 50 हजार रुपये महीना देने को कहा। जब उसने पुलिस को फोन किया तो आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। उसने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।