संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष धूमन सिंह किरमिच ने विश्राम गृह में बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कहा कि सरस्वती नदी के समीप जितनी सहायक नदियां व नाले बंद पड़े हुए, उन्हें चलाया जाए तथा उन पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए।
सरस्वती नदी के किनारे बड़े-बडे रिजर्व वायर बनाए जाए। इसी कड़ी में जिले के गांव रामपुर व छलौर में बडे़ स्तर के रिजर्व वायर बनाए जा रहे हैं। किरमिच ने कहा कि सरस्वती नदी पर बन रही योजनाओं का आसपास के गांवों के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
बोर्ड का मुख्य कार्य सरस्वती नदी के जुड़ी सहायक नदियों के पानी को कंट्रोल करना है, सरस्वती में जल प्रवाह करना व लोगों को बाढ़ के पानी से बचाने को लेकर कार्य किया जा रहा है। बारिश के बाढ़ का जो पानी पहले नुकसान करता था उसको सरस्वती बोर्ड के माध्यम से योजना बना कर सही प्रबंधन करने के बाद कंट्रोल कर दिया है।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में 15 बड़े रिजर्व वायर बनाए गए हैं। इस क्षेत्र में पानी बहुत है, लेकिन पानी को कंट्रोल करने का तरीका लोगों के पास नहीं है, इसके लिए सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के माध्यम से काम किया जा रहा है। किरमिच ने कहा कि सरस्वती वैदिक नदी रही है। युगों-युगों से पिंडदान करने व पूजा अर्चना का कार्य में सरस्वती नदी सबसे बड़ी नदी रही है। इस नदी के प्रति लोगों ने बड़ी आस्था है।