यमुनानगर। प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला की सरकारी एंबुलेंस में तबीयत खराब हो गई। इसके बाद महिला की डिलीवरी एंबुलेंस में तैनात ईएमटी (आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन) धीरज को करवानी पड़ी। खास बात यह है कि डॉक्टरों ने महिला से कहा हुआ था कि उसके बच्चे का जन्म सर्जरी से होगा।
वहीं तबीयत खराब होने के दौरान बच्चे का सिर भी फंस गया था। एंबुलेंस स्टाफ ने न केवल महिला की सफल डिलीवरी करवाई बल्कि सीपीआर देकर नवजात बच्ची की जान भी बचाई। इस समय बच्ची मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के नीकू वार्ड में भर्ती है। जच्चा-बच्चा दोनों की हालत पूरी तरह से ठीक है। एंबुलेंस के कंट्रोल रूम में फर्कपुर से सोमवार सुबह फोन आया था गर्भवती प्रीतिमा को प्रसव पीड़ा हो रही है।
महिला को जिला नागरिक अस्पताल में लेकर जाना है। जिस पर सरकारी एंबुलेंस के चालक बलजिंद्र ईएमटी धीरज के साथ फर्कपुर पहुंचे। एबुलेंस में बिठाते ही महिला की प्रसव पीड़ा बहुत ज्यादा बढ़ गई। ऐसे में एंबुलेंस को फर्कपुर से बाहर ही रोकना पड़ा। सांस लेने में दिक्कत होने पर महिला को ऑक्सीजन दी गई। ईएमटी ने देखा कि बच्चे के पांव बाहर निकले हुए थे। जिस पर ईएमटी ने महिला को फंडल ट्रीटमेंट दिया। इसमें पेट के ऊपरी हिस्से पर दबाव डाल कर बच्चे को नीचे लाने का प्रयास किया जाता है। बच्चे का सिर अंदर फंसा हुआ था। काफी प्रयास के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया। ईएमटी धीरज ने बताया कि जब बच्ची को महिला के पेट से बाहर निकाला गया वह वह न तो रो रही थी और न ही सांस नहीं ले रही थी। जिस पर बच्ची को उल्टा किया गया। उसकी पीठ को थपथपाया गया। फिर से सीपीआर दी गई। बच्ची को अपने मुंह से कृत्रिम श्वास दी। करीब तीन मिनट के बाद बच्ची ने हरकत की तो उसे तुरंत ऑक्सीजन दी गई। ऐसे में मां-बेटी दोनों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। संवाद
एक दिन पहले हुई थी महिला के पिता की मौत : यह डिलीवरी इसलिए भी खास है क्योंकि गर्भवती महिला बहुत ज्यादा सदमे में थी। एक दिन पहले ही महिला के पिता की मौत हो गई थी। जिससे उसे बहुत ज्यादा सदमा लगा था।