निजी परमिटों के विरोध में सोमवार सुबह रोडवेज कर्मचारियों ने रोडवेज वर्कशाप में गेट मीटिंग कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सरकार पर वादाखिलाफी करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। रोडवेज कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 22 जुलाई को प्रदेश के छह हजार के करीब रोडवेज कर्मचारी चंडीगढ़ में परिवहन मंत्री का घेराव करेंगे।
आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर वर्कशाप प्रांगण में गेट मीटिंग बुलाई गई। अध्यक्षता प्रधान रविंद्र सिंह ने की। मंच संचालन सचिव महेंद्र पाल, भवानी दत्त व मनिंद्र सिंह ने किया। गेट मीटिंग के दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने निजी परमिटों के विरोध में सरकार विरोधी नारेबाजी की। कमेटी के केंद्रीय नेता पवन शांभली ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी और प्राइवेट परमिटों को लागू करने के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों में रोष है। सरकार की इन नीतियों के विरोध में प्रदेश भर के छह हजार के करीब रोडवेज कर्मचारी 22 जुलाई को परिवहन मंत्री का घेराव करेंगे।
डिपो प्रधान रविंद्र सिंह ने राज्य नेताओं को आश्वासन दिया कि यमुनानगर डिपो से सैकड़ों कर्मचारी चंडीगढ़ में परिवहन घेराव में कूच करेंगे। डिपो चेयरमैन कंवलजीत जोशी ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों जैसे दो साल का बोनस, परिवहन बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने व अन्य मांगों को सरकार जल्द पूरा करे। अन्यथा कर्मचारी सरकार के खिलाफ आंदोलन और तेज करेंगे। प्रदर्शन में राजकुमार फोगाट, जगजीत सिंह, नेत्रपाल, सुभाष, पवन कुमार, हरविंद्र सिंह, गुरतेज सिंह, मेहर सिंह, सुमित, राणा, वेद सिंह, रविंद्र ठाकुर, रणधीर और ईश्वर सिंह शामिल रहे।