संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में शुक्रवार से जनगणना कार्य का शुभारंभ हो गया, लेकिन पहले ही दिन कर्मचारियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। खासतौर पर डिजिटल प्रणाली के तहत काम करने में आई दिक्कतों ने काम को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
जनगणना के पहले चरण में उन लोगों के आंकड़ों का सत्यापन किया जा रहा है, जिन्होंने 16 से 30 अप्रैल के बीच स्व-गणना करते हुए अपना डाटा ऑनलाइन भरा था। जिले में कुल 19,766 घरों ने इस अवधि में स्वयं जानकारी दर्ज की थी।
शुक्रवार को टीमें इन घरों तक पहुंचकर दिए गए विवरण का सत्यापन करने निकलीं, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें नाम और पते की सूची देने के बजाय केवल ऑनलाइन नक्शा उपलब्ध कराया गया। कर्मचारियों के अनुसार, नक्शे के आधार पर घरों की पहचान करना बेहद कठिन रहा। कई स्थानों पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस व्यक्ति का घर कहां स्थित है। इसके अलावा ऑनलाइन डाटा के कारण घरों की संख्या में भी अंतर देखने को मिला, जिससे कार्य और जटिल हो गया। जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है।
इसके लिए विशेष हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन मोबाइल एप का उपयोग किया जा रहा है, जिसे अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल में इंस्टॉल किया गया है। यह एप ऑफलाइन मोड में भी कार्य करता है और नेटवर्क मिलने पर डेटा स्वतः सिंक्रोनाइज हो जाता है।
साथ ही, पोर्टल और एप में 40 भाषाओं में जानकारी भरने की सुविधा दी गई है, जिससे आम नागरिकों के लिए प्रक्रिया आसान बनाने का प्रयास किया गया है।
कई अध्यापकों ने खरीदे नए मोबाइल : संजय कांबोज
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान संजय कांबोज ने बताया कि वर्तमान आदेश व्यावहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं। शिक्षकों की ड्यूटी उनके कार्यस्थल से दूर क्षेत्रों में लगाई गई है, जिससे समय और संसाधनों की समस्या उत्पन्न हो रही है। साथ ही मोबाइल एप से कार्य करने में भी तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। जिन शिक्षकों के पास एंड्रॉयड 11.0 से कम वर्जन के मोबाइल हैं, उनमें यह एप काम नहीं कर रहा, जिसके कारण कई शिक्षकों को नया मोबाइल खरीदना पड़ा है।
दो चरणों में पूरी की जाएगी जनगणना
पहला चरण मकान सूचीकरण का है, जो एक से 30 मई तक चलेगा। दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो नौ से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा। जिले में करीब 2838 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। राजकीय विद्यालयों में पिछले वर्ष के अंत तक कच्चे व पक्के कुल 3,640 शिक्षक कार्यरत हैं। हालांकि शिक्षकों की ड्यूटी स्कूल समय के बाद ही जनगणना में लगाई गई है ताकि विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित न हो। अध्यापक इसका विरोध कर रहे हैं। अध्यापकों का तर्क है कि दोपहर में गर्मी ज्यादा होती है इसलिए जनगणना कार्य सुबह के समय करवाया जाए।
यह डाटा किया जा रहा एकत्रित
जनगणना के दौरान मकान संख्या, फर्श, दीवार व छत की सामग्री, मकान का उपयोग (आवासीय या गैर-आवासीय) और उसकी स्थिति दर्ज की जाएगी। परिवार से जुड़ी जानकारी जैसे सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व और कमरों की संख्या भी पूछी जाएगी। इसके साथ ही मूलभूत सुविधाओं के तहत पेयजल का स्रोत, बिजली, शौचालय, स्नानघर, रसोई, गैस कनेक्शन और खाना पकाने के ईंधन की जानकारी ली जाएगी। रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, दोपहिया और चार पहिया वाहन आदि के बारे में भी विवरण एकत्र किया जाएगा। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है।