संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दमकल विभाग पर अग्निकांड से निपटने के अलावा आपात स्थिति में लोगों की मदद करने का जिम्मा भी है। वहीं दमकल विभाग इन दिनों खुद कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
नियमानुसार दमकल विभाग में इस वक्त करीब 700 कर्मचारी होने चाहिए और कार्यरत महज 118 हैं। इनमें से भी 18 कर्मचारी ही स्थाई हैं। वहीं 100 कर्मचारी अनुबंध आधार पर लगे हुए हैं। यदि यह कहा जाए कि जिले में आपात सेवाएं देने वाला विभाग अनुबंध कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है तो गलत नहीं होगा। फिर भी जैसे-तैसे दमकल का काम चल रहा है।
अधिकारियों की तरफ से स्टाफ के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा भी गया, लेकिन अभी तक वहां से स्टाफ रखने को लेकर मंजूरी नहीं मिली। स्टाफ की कमी का खामियाजा ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को भी भुगतना पड़ रहा है। वह इसलिए क्योंकि जब कहीं आग लगती है तो दमकल की एक गाड़ी पर छह कर्मचारी जाते हैं।
इनमें एक ड्राइवर, एक इंचार्ज व चार फायर ऑपरेटर होते हैं। स्टाफ की कमी की वजह से ऑपरेटर दो या तीन भेजने पड़ रहे हैं। वहीं दिक्कत तब और ज्यादा बढ़ जाती है जब एक साथ कई जगह पर आग लग जाती है। गाड़ी पर आग बुझाने वाला स्टाफ कम होने से घटना स्थल पर आग बुझाने में भी परेशानी व देरी दोनों होती है।
जिले में जिला दमकल केंद्र समेत सात स्टेशन हैं जहां पर दमकल गाड़ियां खड़ी होती हैं। दमकल विभाग के पास कुल 38 गाड़ियां हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 20 गाड़ियां जिला दमकल केंद्र यमुनानगर में, 10 जगाधरी में, दो बिलासपुर और मानकपुर, खजूरी रोड, साढौरा, छछरौली व रादौर में एक-एक गाड़ी खड़ी होती हैं। एक अप्रैल से अब तक आग लगने की 470 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट के हिसाब से करीब 700 कर्मचारी दमकल विभाग के पास होने चाहिए।
पक्की भर्ती होनी चाहिए : यूनियन
अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन हरियाणा के प्रदेश मुख्य संगठनकर्ता गुलशन भारद्वाज का कहना है कि स्टाफ न होने से बहुत ज्यादा दिक्कत आ रही है। पक्की भर्ती नहीं हो रही है। स्टाफ पर काम का बोझ बढ़ रहा है। कर्मचारियों को आराम करने का वक्त ही नहीं मिलता। चार साल से कच्चे कर्मचारियों का सरकार ने वेतन नहीं बढ़ाया है। जबकि 24 घंटे काम लिया जा रहा है। इस बारे में यूनियन कृषि मंत्री से भी मिल चुके हैं। यूनियन की मांग है कि 20 साल से जो कर्मचारी अनुबंध आधार पर लगे हुए हैं उन्हें नियमित किया जाए। वहीं पक्के कर्मचारियों की भर्ती की जाए।
यह सही है कि दमकल केंद्र में स्टाफ की कमी है। कर्मचारियों के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है। अब लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हट गई है। उम्मीद है जल्द ही नए कर्मचारी मिल जाएंगे। - नरेंद्र सिंह, जिला दमकल अधिकारी यमुनानगर।