हिमाचल सीमा से सटे गांव धनौरा के अंतिम छोर पहाड़ों की तलहटी में कांड़ी परियोजना के तहत किसानों की फसलों के सिंचाई के बनाए गए डैम की दीवार बीती रात अवैध खनन माफिया ने तोड़ दी। जिससे लेकर ग्रामीणों ने रोष जताया। डैम की दीवार तोड़ने को लेकर ग्रामीणों ने रणजीतपुर चौकी में भी शिकायत दे दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया जानबूझ का बांध की दीवार तोड़ी, ताकि बारिश होने पर नदी से मलबा बहकर आगे आ जाए। वहीं मामला हरियाणा हिमाचल सीमा से जुड़ा होने के कारण हिमाचल के गांव देववाला के भी कुछ लोग मौके पर पहुंच गए उनका कहना था कि उन्होंने नदी पर पानी के कुंए बना रखे हैं। जिनसे वे खेतों में सिंचाई करते है व पीने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। यदि बांध को कोई नुकसान होता है तो उनकी भूमि के पास से भी कटाव शुरू हो जाएगा। जिससे उनके गांव को भी खतरा है।
ग्रामीण जसबीर सिंह, होशियार सिह, जसिवंद्र, सुशील कुमार, रिंकू, राज पाल, हरपाल का कहना है कि वर्ष 1997 में गांव धनौरा के समीप पहाड़ी पर वन विभाग ने लाखों रुपये की लागत से कांडी परियोजना के तहत डैम बनाया गया था। जिसका कार्य पहाड़ों में होने वाली वर्षा के पानी को एक जगह एकत्रित कर पाइप लाइन से गांव के लगभग दो सौ एकड़ भूमि की सिंचाई करना था। बीती देर रात खनन माफिया ने पोपलेन व जेसीबी मशीन से तटबंध की सौ फीट लंबी दीवार उखाड़ दी। जिससे डैम में पानी एकत्रित करने की क्षमता को नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। पहाड़ों में अचानक तेज बारिश होने पर नदी का तेज बहाव डैम पूरी तरह से नष्ट कर देगा। गांव की सिंचाई व्यवस्था भी बंद हो जाएगी। नदी में रात को मशीनों की आवाज सुनकर हिमाचल पुलिस के कर्मचारी मौके पर पहुंचें तो बदमाश मशीन लेकर फरार हो गए। मामले की सूचना सुबह ग्रामीणों को लगी तो मौके पर सकैड़ों ग्रामीणा जमा हो गए। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग व वन विभाग को भी मामले की सूचना दे दी गई। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर बांध उखाड़ने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।