संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर वीरवार रात व शुक्रवार को अनाज मंडियों में भी दिखाई दिया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से मंडियों में धान की सफाई से लेकर तौल और खरीद तक का कार्य प्रभावित रहा। वीरवार रातभर मंडियों में अंधेरा पसरा रहा।
बिजली नहीं होने के कारण धान की तौल के लिए लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक कांटे बैटरी डाउन होने से बंद हो गए, वहीं धान की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले झरने भी नहीं चल पाए। इससे किसानों और आढ़तियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई आढ़तियों को मजबूरी में जनरेटर चलाकर धान की तौल और सफाई का काम करना पड़ा।
बिजली गुल होने से मंडियों में धान खरीद की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। इलेक्ट्रॉनिक कांटों के बंद होने के कारण धान की तौल नहीं हो पाई, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ा। वहीं, धान की सफाई का काम प्रभावित होने से आढ़तियों को भी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। जिन आढ़तियों के पास जनरेटर की सुविधा थी, उन्होंने किसी तरह काम जारी रखा।
जिले की अनाज मंडियों में अब तक 267248 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 242525 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। हालांकि, खरीद के बाद धान के उठान की रफ्तार अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। अब तक खरीदे गए धान में से 176525 मीट्रिक टन धान का उठान हुआ है, जो कुल खरीदे गए धान का 72.79 प्रतिशत है। ऐसे में खरीदे गए धान का एक बड़ा हिस्सा अभी भी मंडियों में उठान का इंतजार कर रहा है।
ग्रामीण मंडियों में उठान की समस्या बरकरार
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र की अनाज मंडियों में धान के उठान की समस्या बनी हुई है। पहले से ही उठान में देरी के कारण परेशान किसानों और आढ़तियों को अब बिजली संकट से भी जूझना पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से तौल और सफाई का काम प्रभावित होने के कारण मंडियों में कामकाज की रफ्तार और धीमी हो गई। किसानों को समय पर धान बेचने में परेशानी हो रही है, जबकि आढ़तियों के सामने खरीदे गए धान के रखरखाव और नई आवक के लिए जगह बनाने की चुनौती बनी हुई है। मार्केट कमेटी सचिव मोहित बेरी ने बताया कि बिजली नहीं होने से थोड़ी दिक्कत आई। काफी आढ़तियों ने जनरेटर मंगवा लिए थे। बिजली आने के बाद व्यवस्था सुचारु हो गई है।
जगाधरी अनाज मंडी में जनरेटर चलाकर धान की सफाई करते मजदूर। संवाद- फोटो : shiv tripathi