संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के एक होटल के कॉन्फ्रेंस रूम में सोमवार को हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की जनसुनवाई आयोजित की गई, जिसमें अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने कहा कि बिजली चोरी राष्ट्रीय क्षति है और इसका सीधा बोझ ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ता है। इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) याचिका पर आयोजित इस जनसुनवाई की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी का पूरा वहन राज्य सरकार स्वयं करती है और इसका भार अन्य उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाता। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 65 के तहत राज्य सरकार किसी भी श्रेणी के उपभोक्ताओं को सब्सिडी प्रदान कर सकती है। अध्यक्ष ने समस्याओं पर मौके पर ही निगम के अधिकारियों से जवाब देने को कहा, जिस पर निदेशक अनिल कुमार यादव ने विस्तार से स्पष्टीकरण दिया। निदेशक ने बताया कि भविष्य में याचिकाओं का सारांश सरल भाषा में उपलब्ध कराया जाएगा ताकि आम उपभोक्ता भी उसे आसानी से समझ सके।
अल्पकालिक बिजली खरीद, पावर एक्सचेंज से खरीद, कर्मचारियों की आवश्यकता, ऋण अदायगी, मूल्यह्रास (डिप्रिसिएशन), लाभांश (डिविडेंड), भूमिगत केबलिंग परियोजना, उद्योगों एवं किसानों के लिए पीक लोड प्रबंधन, सोलराइजेशन की संभावनाएं, हानि में कमी हेतु पांच वर्षीय रोडमैप तथा भविष्य के पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) सुधार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। यूएचबीवीएन की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार निगम में एग्रीगेट टेक्निकल एवं कमर्शियल लॉस 9.12 प्रतिशत है। 1013 शहरी फीडरों में से केवल दो फीडरों पर 20 प्रतिशत से अधिक हानि है, जबकि 1182 ग्रामीण फीडरों में से 62 फीडरों पर 40 प्रतिशत से अधिक हानि दर्ज की गई है। निगम ने 100 प्रतिशत बिलिंग कलेक्शन का दावा भी किया। ट्रस्ट बेस्ड बिलिंग सिस्टम के तहत उपभोक्ता स्वयं मीटर रीडिंग की फोटो अपलोड कर बिल प्राप्त कर सकते हैं।
जनसुनवाई में आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग, सदस्य शिव कुमार, सचिव प्रशांत देष्टा, विद्युत लोकपाल आर.के. खन्ना, यूएचबीवीएन के निदेशक अनिल कुमार यादव, एसई ऑपरेशन नरेंद्र कुमार, एसई रेगुलेटरी अफेयर्स पुनित कुंडू सहित वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में उपभोक्ता मौजूद रहे।