संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिजली उपभोक्ता को गलत बिल भेजने पर उपभोक्ता फोरम ने बिजली निगम पर 11 हजार रुपये जुर्माना किया है। फोरम ने यह भी आदेश दिया कि अगर निगम ने 45 दिन के भीतर उपभोक्ता को हर्जाना नहीं दिया तो उसे नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना पड़ेगा।
माॅडल कॉलोनी निवासी राजेंद्र नाथ ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी कि बिजली निगम की ओर से उसे 28 मई 2019 को 53326 रुपये का बिल भेज दिया। जबकि उनका मासिक बिजली बिल कभी भी पांच हजार रुपये से अधिक नहीं आता था। राजेंद्र नाथ ने बिजली निगम में इसकी शिकायत दी। निगम कर्मचारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि बिल ठीक कर दिया जाएगा।
कुछ दिनों बाद राजेंद्र नाथ दोबारा निगम कार्यालय गए तो कर्मचारियों ने उन्हें 53326 रुपये का बिल भरने को कहा और धमकी दी कि अगर बिल नहीं भरा तो उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। राजेंद्र नाथ ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी। फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद राजेंद्र नाथ के पक्ष में फैसला सुनाया।