यमुनानगर। शहरवासियों को जल्द सिटी बस की सुविधा मिलने वाली है। ये बसें पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होंगी। दरअसल राज्य सरकार इस साल 500 बसें इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगी। जिसकी मंजूरी भी मिल चुकी है। इनमें 10 बसें यमुनानगर रोडवेज डिपो को मिलेगी। यह बसें दिवाली तक शहर की सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आएंगी। बाकी को ग्रामीण रूट पर लगाया जा सकता है। ये बसें दूसरे चरण में आएंगी, पहले चरण में लगे पुराने टेंडर के अनुसार तैयार हो रही 809 बसों में से 40 बसें यमुनानगर डिपो को मिलनी हैं।
10 जिलो को मिलेगी इलेक्ट्रिक बसें
बता दें हरियाणा सरकार ने पांच लाख की आबादी वाले शहरों में ही इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला लिया है। इनमें 10 जिले गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, अंबाला, सोनीपत, रोहतक, यमुनानगर, हिसार, कुरुक्षेत्र और पानीपत शामिल हैं। इनमें कई बसें तो एसी युक्त होंगी। इलेक्ट्रिक बस की लंबाई 12 मीटर और सीटें 50 या 52 होंगी। रोडवेज डिपो में इनकी चार्जिंग की व्यवस्था की जाएगी। शहरों में बसों का संचालन सफल रहने और पर्याप्त सवारियां मिलने पर इनका दायरा बढ़ाया जा सकता है।
200 किमी तक चल सकेंगी इलेक्ट्रिक बसें
इन बसों को 200 किमी के दायरे में ही चलाया जाएगा। इनका उपयोग सिटी बस सर्विस में भी किया जा सकेगा। जिसे विद्यार्थियों को कॉलेज व स्कूलों में आने-जाने में कोई परेशानी नहीं होगी। इलेक्ट्रिक बसें आने से प्रदूषण से भी काफी राहत मिलेगी। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते मूल्य को देखते हुए यह बस काफी किफायती रहने वाली है। रोडवेज विभाग अधिकारियों के अनुसार 60 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग प्वाइंट बनेगा। इसके लिए चार्जिंग प्वाइंट बनाने का काम बसें मिलने के बाद शुरू होगा।
12 वर्ष तक होगी लाइफ
वैसे तो सामान्य बसों की लाइफ 10 साल है लेकिन इलेक्ट्रिक बसें केवल 12 वर्ष तक ही चल सकेंगी। इस बस को 10 लाख किलोमीटर तक ही चलाया जा सकेगा। कंपनी की ओर से ड्राइवर, चार्जिंग स्टेशन, इलेक्ट्रिक रिपेयर मैनेजमेंट और बिजली खर्च आदि शामिल होगा। इलेक्ट्रिक बसों में 55 सीट होंगी और एक बस 12 मीटर लंबी होगी।
सरकार की 500 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की योजना है। इनमें 10 बसें यमुनानगर के हिस्से में आएगी। जिस शहर की आबादी पांच लाख की होगी वहां ये बसें चलाई जानी हैं। बसें चलती हैं तो शहरवासियों को काफी राहत मिलेगी।
-बालकराम, महाप्रबंधक, रोडवेज, यमुनानगर।