साढौरा। रतौली गांव में ईद की खुशियों से पहले ही ग्रामीणों में मातम पसर गया। ईद के लिए घरों की लिपाई में जुटे ग्रामीण के लिए वही मिट्टी काल बन गई। ढांग गिरने से उसमें दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई, वहीं बच्चों समेत छह अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद गांव में पसरे मातम के बीच से बस यही आवाजें आ रहीं थी कि... मेरे अल्लाह ये क्या हो गया।
रमजान के आखिरी जुमे पर सहरी के बाद रोजा रखकर रतौली के ग्रामीण ईद की तैयारियों में जुटे थे। कच्चे घरों की सफाई और लिपाई के लिए ग्रामीण ढांग से चिकनी मिट्टी लेने गए थे, लेकिन अल्लाह को कुछ और ही मंजूर था। ढांग गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि छह अन्य उपचाराधीन हैं। ऐसे में ईद की खुशियों से पहले गांव में हर तरफ मातम पसरा हुआ है। हर कोई शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के साथ अल्लाह से घायलों के जल्द ठीक होने की दुआएं कर रहा है। हादसे के बाद जिसने भी ग्रामीणों का मातम देखा उसकी आंखें भर आई। पीड़ितों के परिवारों को ढांढस बंधाने वालों का दिनभर तांता लगा रहा।
विदित हो कि खंड साढौरा का रतौली गांव छोटा है जिसकी आबादी 2500 है और गांव में 1100 मतदाता हैं। इस गांव में दो परिवार ब्राह्मण और दो परिवार कश्यप बिरादरी से हैं। बाकी मुस्लिम समुदाय से जुड़े हुए हैं, ऐसे में गांव में ज्यादा मुस्लिम समुदाय के लोगों की आबादी है। इस गांव में परस्पर आपसी भाईचारा कायम है। गांव में लगभग कुल 300 घरों में से 100 के करीब कच्चे घर बने हुए हैं। ग्राम सरपंच ने यासीन ने बताया कि कच्चे घरों व चूल्हों की लिपाई के लिए गांव के लोग चिकनी मिट्टी का प्रयोग करते हैं, जिसे लेने के लिए ग्रामीण ढांग पर गए थे, तभी हादसा हो गया।