संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन नई दिल्ली के निर्देश पर डीएवी गर्ल्स कॉलेज के इंडियन नॉलेज सिस्टम सेल की ओर से ऑनलाइन मोटिवेशनल लेक्चर का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से बीके शिवानी ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का संयोजन मानवीय मूल्यों के लिए परम आवश्यक है।
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरिंद्र कौर, इंडियन नॉलेज सिस्टम कन्वीनर डॉ. किरण शर्मा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की अध्यक्षता की। डॉ. नीता द्विवेदी, डॉ. गुरशरण कौर, पारूल, डॉ. दीपिका व लिपाक्षी, कार्यक्रम को-ओडिनेटर रहे। बीके शिवानी ने कहा कि आधुनिक शिक्षा प्रणाली में जहां एक ओर नए-नए विषयों का ज्ञान दिया जाता है।
इससे विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकते है। परंतु, वहीं दूसरी ओर आध्यात्मिक सफलता के लिए उन्हें भारतीय प्राचीन ज्ञान परंपरा का पता होना भी आवश्यक है। बच्चे को जन्म बाद जैसी पारिवारिक शिक्षा दी जाती है, उनमें वैसे ही संस्कार पनपते है। आज की युवा पीढ़ी को पथभ्रष्ट होने से बचाने के लिए नैतिक मूल्य शिक्षा देना जरूरी है।
डॉ. सुरिंद्र कौर ने कहा कि नई शिक्षा प्रणाली के विद्यार्थी जिन नए विषयों की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं उसका उद्देश्य डिग्री लेकर पैसा कमाना ही नहीं है,बल्कि उन विषयों से प्राप्त ज्ञान को अपने जीवन में उतारना भी है। शिक्षा द्वारा प्राप्त ज्ञान से अपने जीवन को सार्थक बनाना मानवीय भावनाओं को अपनाना प्रत्येक विद्यार्थी का लक्ष्य है।
डॉ. किरण शर्मा ने कहा कि पाठ्यक्रम में हम जो कुछ भी पढ़ते हैं उसका अर्थ अलग अलग हो सकता है। परंतु, हमें उसके सार्थक भाव को ग्रहण करके अपने जीवन में उतारना है। तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य सफल सिद्ध होगा। कार्यक्रम में संगीत विभाग, फैशन डिजाइनिंग, गृह विज्ञान विभाग, योग, फाइन आर्ट्स के विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित रहा।