यमुनानगर। पिछले दिनों तापमान में हुई बढ़ोतरी ने न केवल किसानों बल्कि कृषि वैज्ञानिकों को भी चिंता में डाल दिया है। बढ़ते तापमान की वजह से गेहूं की फसल में समय से पहले ही निसराव आ गया है। फसल में गेहूं की बालियां लहलहा रही हैं। अक्सर मार्च माह में ऐसी दिखाई देती थी। समय से पहले बालियां आने से गेहूं की बंपर पैदावार कम होने की आशंका बन गई है।
आमतौर पर इस समय अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए था। पिछले दिनों यह 28 डिग्री से ऊपर पहुंच गया था। अभी भी अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा बना हुआ है। जिले में करीब 88 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल लगी है।ठंड जितनी ज्यादा होती है वह गेहूं की फसल के लिए उतनी ज्यादा लाभकारी मानी जाती है।
अगर ठंड ज्यादा पड़ती है, तो तने में ज्यादा फुलाव होता है। ज्यादा फुलाव से गेहूं का दाना मोटा होने से पैदावार भी ज्यादा होती है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर गेहूं की विभिन्न प्रजातियों की लंबाई 80 से 130 सेंटीमीटर तक होती है। ये प्रजातियां 90 से 145 दिनों में तैयार होती हैं।
अगेती किस्म की गेहूं में जनवरी के आखिरी सप्ताह से लेकर फरवरी के प्रथम सप्ताह तक बालियां आती हैं। इसलिए अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री गेहूं के लिए काफी लाभकारी है। पिछले दिनों तापमान में बहुत ज्यादा जो वृद्धि हुई थी उससे गेहूं के पौधे के तने में समय से पहले फुटाव होने से बालियां जल्दी निकल आई हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र दामला के मौसम विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार का कहना है कि 27 व 28 फरवरी को बारिश होने की संभावना है। इस बार न्यूनतम तापमान गत वर्ष के बजाय थोड़ा ज्यादा बना हुआ है। भारतीय किसान यूनियन के निदेशक मंदीप सिंह रोड छप्पर का कहना है कि इस बार गेहूं की फसल में बालियां कई दिन पहले ही आ गई हैं। इससे काफी नुकसान होने की आशंका है। संवाद