संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से किसानों का काफी नुकसान हो चुका है। किसानों के जख्मों पर मरहम लगाने के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। मंगलवार दोपहर तीन तक भी पोर्टल नहीं चला था। पोर्टल पर परेशानी आ रहा थी। इससे किसान पोर्टल पर अपनी खराब फसलों का ब्योरा दर्ज नहीं कर पाए। किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसान ब्योरा दर्ज कराने के लिए कभी कॉमन सर्विस सेंटर पर गए तो कभी कभी कृषि विभाग के कार्यालय। तीन बजे के बाद पोर्टल चलने से किसानों ने राहत की सांस ली। जिले के 78 गांव ऐसे हैं जिनमें ओलावृष्टि व बारिश से नुकसान हुआ है। इसके लिए राजस्व विभाग ने इन गांवों की लिस्ट तैयार करके सरकार को भेजी है। इन्हीं 78 गांवाें के किसानों के लिए ही ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। किसानों द्वारा दिए गए ब्यौरा के अनुसार गिरदावरी करने के लिए टीमें उनके गांव में जाएंगी। किस किसान को फसल का कितना नुकसान हुआ है उसकी रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजी जाएगी। जिसके बाद सरकार किसानों को मुआवजा देगी।
वहीं 28 फरवरी व एक मार्च को हुई बारिश व ओलावृष्टि से जिले में सबसे ज्यादा सरसों व गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। ओले की चोट से गेहूं के पौधे बीच में से टूट गए हैं। जबकि सरसों खेतों में कटी पड़ी थी। अब इसे निकालने की तैयारी हो रही थी। परंतु ओलों की मार से सरसों के दाने निकल कर खेतों में गिर गए। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना का कहना है कि बारिश के साथ गिरे ओलों से फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
सरसों की फसल तो लगभग खत्म ही हो गई है। गेहूं के अलावा सरसों, पशु चारे को नुकसान हुआ है। किसानों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल दोपहर तीन बजे शुरू हुआ। सरकार जल्द गिरदावरी करके 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दे।