संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/छछरौली। सीएम फ्लाइंग की टीम ने वीरवार को जिले में जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय (डीटीओ), बीडीपीओ कार्यालय जगाधरी व तहसील कार्यालय छछरौली में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छछरौली तहसील में लगभग 500 इंतकाल लंबित मिले। सीएम फ्लाइंग की टीम ने हाजिरी रजिस्टर की भी जांच की।
सीएम फ्लाइंग के आते ही पटवारी अपने दफ्तरों के ताले लगाकर गायब हो गए। वहीं निरीक्षण के दौरान काफी संख्या में बीडीपीओ कार्यालय जगाधरी का स्टाफ गैर हाजिर मिला। वहां तैनात स्टाफ ने टीम को बताया कि ग्राम सचिव व अन्य कर्मचारी चुनाव ड्यूटी व चंडीगढ़ मुख्यालय में गए हुए हैं, परंतु मूवमेंट रजिस्टर में इसका कोई जिक्र नहीं था। सीएम फ्लाइंग की टीम जब तहसील कार्यालय छछरौली में पहुंची ताे वहां पर सबसे पहले स्टाफ के बारे में जानकारी ली।
सीएम फ्लाइंग की टीम ने हाजिरी रजिस्टर की जांच की। सीएम फ्लाइंग के आते ही सबसे पहले पटवारियों के कार्यालयों में हलचल मची दिखी। क्योंकि ज्यादातर पटवारियों ने अपने कार्यालयों के लिए निजी सहायक रखे हुए हैं। वह सरकारी रिकॉर्ड की लिखा पढ़ी खुद ही करते हैं। जबकि नियमानुसार ऐसा नहीं हो सकता। सीएम फ्लाइंग उन्हें पकड़ न ले इसलिए सबसे पहले वह ताला लगाकर वहां से खिसक लिए। रिकॉर्ड की जांच की गई तो वहां पर 500 इंतकाल लंबित मिले।
सीएम फ्लाइंग के निरीक्षक सुखविंद्र ने बताया की रूटीन चेकिंग के दौरान उन्होंने छछरौली तहसील में औचक निरीक्षण किया। हाजिरी रजिस्टर चेक करने पर सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। बाकी कार्यालय में किसी भी प्रकार की कोई कमी नजर नहीं आई। वही इस बारे में छछरौली तहसीलदार सुदेश ने बताया की चुनाव ड्यूटी लगी होने के कारण पोर्टल में तहसील के इंतकाल नहीं हो पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने उच्च अधिकारियों को सूचित करवाया हुआ है।
बीडीपीओ कार्यालय में नहीं मिले ग्राम सचिव
सीएम फ्लाइंग सब इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने बताया किटीम जब बीडीपीओ कार्यालय जगाधरी में पहुंची तो उपस्थिति रजिस्टर के अनुसार कुछ कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में गए मिले। जेई चंडीगढ़ बैठक में गए मिले। ग्राम सचिव की रजिस्टर में उपस्थिति लगी थी लेकिन मूवमेंट रजिस्टर में कोई जिक्र नहीं था। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण कार्यालय में सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। इस दौरान 17 सीएम विंडो की शिकायतें पेंडिंग मिली। वहीं पंचायती सीमेंट के स्टॉक के बारे में पूछताछ की गई तो स्टाफ ने बताया कि इसका रजिस्टर ग्राम सचिव गोपाल के पास है। वह कार्यालय में नहीं मिले।