थाना बुड़िया थाना क्षेत्र में रेत माफिया पुलिस के कब्जे से जबरन रेत से
भरे दो डंपर छुड़ा कर ले गए। पुलिस ने तीन व्यक्तियाें के खिलाफ पुलिस
कर्मचारियों से हाथापाई सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
वीरवार
रात बुड़िया थाने में तैनात एएसआई महावीर सिंह और सिपाही प्रेम मोटरसाइकिल
पर गश्त कर रहे थे। नवाजपुर गांव के पास सड़क से गुजर रहे रेत से भरे दो
डंपरों को उन्होंने रुकवाया और रेत के बारे में पूछताछ की। इस दौरान एक
डंपर के चालक ने किसी को फोन किया।
कुछ देर बार एक बलेरो गाड़ी में सवार
तीन-चार लोग वहां आ गए। आरोप है कि उन्होंने पुलिस कर्मचारियों के साथ
हाथापाई की और जबरन दोनों डंपरों को वहां से ले गए। दोनों पुलिस
कर्मचारियों ने थाने आकर मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने रामपुर
खादर निवासी प्रेमपाल सहित तीन अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा
पहुंचाने, अवैध खनन सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू
कर दी है।
पुलिस और अधिकारियों पर हावी खनन माफिया
खनन तस्करों
द्वारा पुलिस से झड़प के पहले भी कई मामले हो चुके हैं। 23 दिसंबर को
खिजराबाद थाना क्षेत्र में खनन माफिया ने एक पुलिस कर्मचारी पर ट्रैक्टर
चढ़ाने का प्रयास किया था। खिजराबाद थाने में तैनात भूपेंद्र अपनी
मोटरसाइकिल पर यमुना नदी में गश्त करते पहुंचा। उसे देखकर नदी में अवैध खनन
कर रहे तस्कर अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर भागने लगे। भूपेंद्र के पीछा
करने पर खनन माफिया ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी और उसे कुचलने का
प्रयास किया। करीब छह महीने पहले नगली गांव में अवैध खनन की सूचना मिलने पर
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार को तस्करों ने घेर लिया और उनके साथ मारपीट
की।
करीब डेढ़ साल पहले फैजपुर गांव में पुलिस पार्टी और तहसीलदार का घेराव
कर खनन तस्करों ने हमला किया था। जाटावाला गांव में डीएफओ पर खनन तस्करों
ने हमला किया था। कुछ समय पूर्व लेदी नाके के समीप खनन तस्करों ने पुलिस
पार्टी के वाहन पर ट्रैक्टर-ट्राली चढ़ाने की कोशिश की थी।