यमुनानगर। भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ाने लगी है। बढ़ते तापमान के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे बिजली निगम का शेड्यूल बिगड़ गया है। ओवरलोड के कारण जगह-जगह लाइनों में फाल्ट, जंफर टूटने और फ्यूज उड़ने की घटनाएं बढ़ गई हैं। जिले के कई इलाकों में शनिवार को घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार शाम पांच बजे तक बिजली निगम के पास 1549 शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं। उपभोक्ता लगातार निगम कार्यालयों और शिकायत केंद्रों पर फोन कर यह पूछते रहे कि उनके क्षेत्र में बिजली कब तक बहाल होगी। शुक्रवार को जिले में कुल 82.09 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। इसमें कृषि क्षेत्र को 13.60 लाख यूनिट, ग्रामीण क्षेत्र को 19.80 लाख यूनिट, उद्योगों को 13.93 लाख यूनिट और शहरी क्षेत्रों में 34.77 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई। अधिकारियों के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ी है, जिससे ट्रांसफार्मर और लाइनें ओवरलोड हो रही हैं। उधर, शहरों में भी लोग बिजली कटौती से परेशान हैं। दिन और रात में बार-बार बिजली जाने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। गर्मी के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बिजली न होने से फसलों पर पड़ रहा असर:
सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में देखने को मिल रही है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने आरोप लगाया कि किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, जिससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। तेज गर्मी और पानी की कमी के कारण फसलें मुरझाने लगी हैं। पूरे दिन में पांच घंटे भी ढंग से बिजली नहीं मिल पा रही।
किसानों के अनुसार सबसे अधिक असर गन्ने की फसल पर पड़ रहा है। गर्मी में समय पर पानी नहीं मिलने से गन्ने की पत्तियां सूखने लगी हैं, जिसका सीधा असर पौधों की बढ़वार पर पड़ेगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे बिजली निगम के एसई कार्यालय का घेराव करेंगे।
बिजली शिकायतें और खपत का आंकड़ा:
मई
शिकायतें
खपत (लाख यूनिट)
18 मई
4878
74.14
19 मई
1371
81.94
20 मई
2734
77.28
21 मई
772
83.27
22 मई
1978
82.09
23 मई
1549