यमुनानगर। गांव रतनगढ़ की प्रवेश कुमारी जिले की दूसरी महिलाओं के लिए मिसाल बनी हुई है। प्रवेश ने वो काम कर दिखाया जिसके बारे में उसने कभी सपने में नहीं सोचा होगा। दरअसल, प्रवेश कुमारी के जीवन में बदलाव तब आया जब उनके ससुर राजकुमार को कीटनाशक के असर से एलर्जी हो गई थी। तब उनके मन में यह विचार आया कि कोई ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे कीटनाशक को हाथ न लगाना पड़े और खेत में कीटनाशक का छिड़काव भी हो जाए।
तभी विकसित भारत यात्रा के दौरान उनके गांव में सरकारी कार्यक्रम हुआ। जिसमें उन्हें ड्रोन दीदी के बारे में पता चला। तब उन्होंने ड्रोन दीदी बनने का निर्णय लिया। प्रवेश कुमारी ने बताया कि इस बारे में उसने कृषि विभाग के अधिकारियों से जानकारी दी। रजिस्ट्रेशन होने के बाद मानेसर में 15 दिन की और पांच दिन की ट्रेनिंग सोहना में ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में इसी साल 12 मार्च को आयोजित कार्यक्रम में उन्हें ड्रोन देकर सम्मानित किया जा चुका है।