परिवहन विभाग की तरफ से रादौर रोड स्थित औरंगाबाद में ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान खोला जाएगा। इसके लिए विभाग ने नगर निगम से साढ़े नौ एकड़ जमीन ली है। जमीन मिलने के बाद यहां ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के भवन का निर्माण कार्य शुरू करने में तेजी आने की उम्मीद जगी है। इसका कार्य जल्द से जल्द शुरू हो इसके लिए जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र परिवहन विभाग के मुख्यालय में आला अधिकारियों से भी मिले हैं। इस संस्थान के बनने से जिले के हजारों युवाओं को हैवी लाइसेंस के लिए दूसरे जिलों में भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
हैवी वाहनों का लाइसेंस बनवाने के लिए जिले के युवाओं को फिलहाल करनाल जाना पड़ता है, क्योंकि जिले में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था नहीं है। इससे पहले तो उन्हें कैथल में सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके जाना पड़ता था। करनाल में संस्थान खुलने से सफर जरूर कम हुआ है लेकिन पैसे व समय की बर्बादी अभी भी हो रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिले के औरंगाबाद में भी करनाल की तर्ज पर ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान खोलने की घोषणा की थी। जमीन लिए जाने के बाद यह घोषणा जल्द सिरे चढ़ती दिख रही है। करनाल में बना प्रशिक्षण संस्थान सवा नौ एकड़ में है। जिसे बनाने पर करीब 34 करोड़ रुपये खर्च आया है। इतना ही खर्च औरंगाबाद में भी आने का अनुमान है। हालांकि होंडा, मारुति व अशोक लीलैंड में से कौन इसका संचालन करेगा यह अभी तय नहीं हुआ है। संस्थान के तैयार होने के बाद इसमें एक दिन में औसतन 300 युवा हल्के व भारी वाहन चलाने का प्रशिक्षण ले सकेंगे।
ड्राइविंग के अच्छे प्रशिक्षण से अच्छे चालक मिलेंगे और हादसों में कमी आएगी। सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि होने के कारण चालकों को अच्छा प्रशिक्षण दिया जाना बहुत जरूरी है। टेस्टिंग ट्रैक पर व्यवहारिक प्रशिक्षण देने और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने लिए इस केंद्र में एक ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक भी होगा। पिछले कुछ सालों से जिले में हादसों का ग्राफ काफी बढ़ा है। यही वजह है कि हर साल सैकड़ों लोग हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं। हादसों की एक बड़ी वजह वाहन चलाने का सही प्रशिक्षण न मिलना भी है। ट्रैफिक पुलिस रोजाना हाईवे पर गलत लेन में चलने वाले ट्रकों के चालान काट रही है। जानकारी के अभाव में चालक ट्रक लेकर अचानक दूसरे लेन में चले जाते हैं। इससे वह दूसरों की जान से भी खिलवाड़ करते हैं।
9.50 एकड़ जमीन ली है: डॉ. सुभाष चंद्र
जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र का कहना है कि औरंगाबाद में ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान बनाया जाना है। इसके लिए नगर निगम से 9.50 एकड़ जमीन परिवहन विभाग ने ली है। प्रयास यही है कि जल्द से जल्द भवन बनाने का काम शुरू हो जाए।