संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी–रायपुररानी और जगाधरी–पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर शहरी क्षेत्रों में जहां बेसहारा पशुओं की संख्या में कमी आई है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति इसके ठीक उलट है। हाईवे से सटे गांवों और कस्बों में बड़ी संख्या में सड़कों पर खुलेआम घूम रहे लावारिस पशु न केवल यातायात बाधित कर रहे हैं, बल्कि सड़क हादसों की आशंका भी लगातार बढ़ा रहे हैं।
पशुओं के साथ-साथ लावारिस कुत्ते भी दिनरात हाईवे किनारे बैठे रहते हैं। वह इसलिए क्योंकि हाईवे पर जगह-जगह ढाबे, रेस्टोरेंट व चिकन की दुकानें हैं। जिनके आगे सारे दिन कुत्ते बैठे रहते हैं। यह अचानक वाहनों के आगे आ जाते हैं। शहर में नगर निगम द्वारा गोवंश को लगातार पकड़ कर गोशालाओं में पहुंचाने की मुहिम का असर साफ नजर आ रहा है।
मुख्य बाजारों, चौराहों और भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में पहले की तुलना में अब सड़क पर घूमते पशुओं की संख्या कम हुई है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। स्टेट हाईवे पर गुलाब नगर चौक, जेल चौक, व्यासपुर, मारवा कलां, साढौरा और कालाआम में तो जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे पर छछरौली, पंजेटो, शेरपुर मोड़, प्रतापनगर और कलेसर जैसे क्षेत्रों में आए दिन बेसहारा पशुओं का झुंड सड़कों पर देखा जा सकता है।
वाहन चालक रमेश कुमार, पवन व मनदीप ने बताया कि पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को संभलने का मौका भी नहीं मिलता। ग्रामीण इलाकों में काफी लोग अपने बूढ़े या बीमार पशुओं को छोड़ देते हैं। ये पशु भोजन की तलाश में कभी भी मुख्य सड़कों तक पहुंच जाते हैं। इससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहर की तर्ज पर अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में भेजा जाए।
स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर कहीं भी रात में रोशनी की व्यवस्था नहीं है। इसलिए अंधेरे में सड़कों पर आने वाले पशुओं का पता ही नहीं चलाता। जगाधरी-व्यासपुर स्टेट हाईवे पर रक्षक विहार नाका से जिला जेल तक शहरी क्षेत्र में लाइटें लगी हैं, लेकिन यह खराब पड़ी हैं। इनमें से दो-चार लाइटें जलती हैं। इससे आगे सारे हाईवे पर अंधेरा है। व्यासपुर में भी शिव चौक से लेकर पुराना पेट्रोल पंप पर लाइटें 10 दिन पहले ही लगी हैं। इससे आगे नारायणगढ़ तक अंधेरा ही है। यही हाल जगाधरी-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे का है। शहरी क्षेत्र में जो लाइटें लगी हैं वह ज्यादातर खराब हैं। ग्रामीण क्षेत्र में एंट्री करते ही हाईवे पर अंधेरा छा जाता है।
शहरी क्षेत्र में जितने भी गोवंश थे उन सभी को पकड़ कर गोशाला पहुंचा दिया गया है। इसलिए स्टेट हाईवे व हाईवे पर कहीं भी पशु नहीं है। यदि कोई गोवंश किसी को सड़क पर दिखता है तो लोग उसकी सूचना दे सकते हैं। जिन्हें पकड़ कर गोशाला में भेजा जाएगा। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।