फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: जम्मू कॉलोनी में 24 घंटे ठप रही पेयजल आपूर्ति, परेशान रहे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
उमस भरी गर्मी में जम्मू कॉलोनी-ए व बी के करीब 1500 घरों के लोग करीब 24 घंटे पेयजल के लिए भटकते रहे। क्योंकि यहां शनिवार शाम श्मशान घाट में निर्माण कार्य के दौरान लगी जेसीबी से पेयजल लाइन टूट गई। यहां से आपूर्ति बंद होने पर मिट्टी पूरी पेयजल लाइन में फंस गई और कॉलोनी के अन्य चार ट्यूबवेलों से पहले लो प्रेशर चल रही आपूर्ति भी ठप पड़ गई।
विज्ञापन

सूचना पर पहुंची जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग की टीम रविवार दोपहर एक बजे तक टूटी पेयजल लाइन को ठीक कर पाई। यानी शनिवार शाम के बाद रविवार सुबह व दोपहर को भी पेयजल आपूर्ति ठप रही। इस बीच निवासियों ने पीने व घरेलू कामों में प्रयोग के लिए पड़ोसियों के सबमर्सिबल या आपस में पैसे इकट्ठे कर मंगाए टैंकर से पानी लेकर काम चलाया। इस तरह शनिवार शाम व रविवार दिनभर महिलाएं बाल्टियां लिए गलियों में भटकती नजर आईं। रविवार शाम पांच बजे आपूर्ति सुचारू होने पर लोगों को राहत मिल पाई।

जम्मू कॉलोनी के श्मशान घाट में दीवार सहित अन्य निर्माण कार्य चल रहे हैं। शनिवार शाम करीब पांच बजे यहां जेसीबी से फर्श को उखाड़ा जा रहा था, जिससे दो फीट नीचे से निकल रही श्मशान घाट में लगे ट्यूबवेल की पेयजल लाइन टूट गई। इससे जम्मू कॉलोनी ए व बी में शनिवार शाम घरों में पेयजल आपूर्ति के समय नलों से पानी नहीं आया तो कॉलोनी की महिलाएं वार्ड पार्षद के पास पहुंच गईं। पार्षद निर्मल चौहान ने सूचना जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग को दी। जेई अशोक कुमार ने टीम भेजी, पर उससे रात में टूटी पेयजल लाइन ठीक नहीं हो पाई। जिसे रविवार दोपहर एक बजे तक ठीक किया जा सका। रविवार सुबह व दोपहर में भी कॉलोनी के करीब 1500 घरों में पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई। दोपहर एक बजे टीम ने टूटी पेयजल लाइन जोड़ दी। रविवार शाम पांच बजे कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति सुचारू हो पाई।
विज्ञापन



महिपाल, वरिंद्र, अजय राणा, पवन राणा, सत्यम ने कहा कि शनिवार शाम को पेयजल आपूर्ति नहीं हुई, लेकिन कई घरों में पहले से पीने का पानी स्टोर था इसलिए शनिवार रात में काम चल गया। किंतु रविवार सुबह व दोपहर को भी पेयजल आपूर्ति नहीं आई तो पूरी छुट्टी पड़ोसियों के सबमर्सिबल या पैसे जुटाकर मंगाए टैंकर से पानी भरकर लाने में कट गई।

ममता, चित्रा, निशा, नरेशो ने कहा कि आसपास से काफी मशक्कत के बाद पीने के पानी का प्रबंध किया, पर बर्तन व कपड़े धोने के लिए पानी नहीं मिला। इसी तरह पानी ना होने से घर की सफाई भी सही से नहीं हो पाई। दिनभर बाल्टियां लेकर आसपास से पानी का प्रबंध करने में लगी रहीं।

पार्षद निर्मल चौहान ने आरोप लगाया कि श्मशान घाट में पहले भी पेयजल लाइन टूट चुकी है। इससे पूरी कॉलोनी के लोगों को बार-बार पेयजल किल्लत होती है, क्योंकि यहां पांच ट्यूबवेल हैं, पर एक ट्यूबवेल की पेयजल लाइन टूटने पर अन्य ट्यूबवेल से आपूर्ति लो प्रेशर हो जाती है। अब श्मशान घाट में टूटी पेयजल लाइन से मिट्टी पूरी पाइप लाइन में फंस गई। इससे कॉलोनी के 75 फीसदी एरिया के करीब 1500 घरों में शनिवार शाम, रविवार सुबह व दोपहर पेयजल आपूर्ति नहीं हुई। इससे कॉलोनी की महिलाओं सहित निवासियों को पीने व घरेलू कामों में इस्तेमाल के पानी के लिए भटकना पड़ा। निर्मल ने आरोप लगाया कि श्मशान घाट कमेटी बिना उन्हें बताए निर्माण कार्य कर रही है। कभी सीसी फर्श बनाया जाता है तो कभी उसे उखाड़ दिया जाता है। ऐसे ही अन्य कार्यों पर धन की बर्बादी करना सही नहीं है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें