संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। क्षेत्र के सबसे विकसित और बड़े गांवों में शुमार व्यासपुर आज भी कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। गांव में शिक्षा, व्यापार और आबादी के लिहाज से तेजी से विकास हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, छात्राओं के लिए स्पेशल बस सेवा बंद होना, करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सीवरेज व्यवस्था शुरू न होना और रेलवे लाइन का सपना अधूरा रहना ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
व्यासपुर आसपास के दर्जनों गांवों का केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी, किसान, व्यापारी और कर्मचारी रहते हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) व्यासपुर में कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। रेडियोग्राफर का एकमात्र स्वीकृत पद रिक्त होने से मरीजों को एक्सरे तक की सुविधा नहीं मिल रही। नर्सिंग सिस्टर का पद भी खाली है।
दवा वितरण के लिए फार्मेसी ऑफिसर के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन दोनों रिक्त हैं। लैब तकनीशियन के दो पद खाली होने के कारण मरीजों के कई जरूरी जांच परीक्षण नहीं हो पाते। एमपीएचडब्ल्यू महिला के 19 स्वीकृत पदों में से केवल 10 पर कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि नौ पद खाली हैं।
ओटीए का पद भी रिक्त होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है। ऐसे में मरीज निजी या फिर 25 किलोमीटर दूर यमुनानगर शहर जाने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्टाफ नियुक्त हो तो मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों पर न जाना पड़े। व्यासपुर से जगाधरी और यमुनानगर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए पहले विशेष बस सेवा संचालित होती थी। इस बस से छात्राएं सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से कॉलेज व स्कूल पहुंचती थीं। लेकिन कई वर्ष पहले यह सेवा बंद कर दी गई। अब छात्राओं को सामान्य बसों में सफर करना पड़ता है।
अभिभावकों का कहना है कि स्पेशल बस होने से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता कम रहती थी। गांव से प्रतिदिन 500 से अधिक छात्राएं विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आती-जाती हैं। अब बसों में लड़कियों से छेड़छाड़ का भी खतरा रहता है। महाग्राम योजना के तहत करीब चार वर्ष पहले गांव में सीवरेज लाइन बिछाई गई थी। इसके लिए नई बनी कई गलियों को भी तोड़ा गया था। हालांकि बाद में मरम्मत कराई गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार यह काम गुणवत्ता के अनुरूप नहीं हुआ। सबसे बड़ी बात यह है कि आज तक सीवरेज व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी।
सीवरेज के पानी के शोधन के लिए साढौरा रोड स्थित ककड़ौनी में एसटीपी का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन उसका कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसी कारण पूरी परियोजना अधर में लटकी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यमुनानगर से वाया व्यासपुर चंडीगढ़ रेलवे लाइन की घोषणा कई बार की जा चुकी है।
केंद्रीय रेल बजट में भी इसका उल्लेख हुआ, लेकिन परियोजना अभी तक आगे नहीं बढ़ सकी। रेलवे लाइन बनने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ उद्योग और व्यापार को भी लाभ मिलता। वर्तमान में सैकड़ों लोग रोजाना चंडीगढ़, यमुनानगर और अन्य शहरों में नौकरी व व्यवसाय के लिए आते-जाते हैं।
सीवरेज के लिए गलियां तोड़ कर रख दीं
अरुण शर्मा का कहना है कि गांव में सीवरेज लाइन बिछाए हुए चार साल से अधिक समय हो गया। लेकिन अब तक लोगों को इसका लाभ नहीं मिला। गलियां तोड़कर काम किया गया, लेकिन बाद में मरम्मत भी ठीक तरीके से नहीं हुई। अब एसटीपी अधूरा होने के कारण पूरी योजना अटकी हुई है। प्रशासन को जल्द इस परियोजना को पूरा करना चाहिए।
सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हों
हरीश का कहना है कि सीएचसी व्यासपुर में कई महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं। मरीजों को एक्सरे और अन्य जांचों के लिए बाहर जाना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त स्टाफ न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां कर स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करनी चाहिए।
छात्राओं की बस तत्काल की जाए बहाल
गांव के सुभाष कुमार का कहना है कि छात्राओं की स्पेशल बस बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी लड़कियों और उनके अभिभावकों को हो रही है। पहले छात्राएं सुरक्षित माहौल में स्कूल और कॉलेज पहुंचती थीं। गांव से बड़ी संख्या में छात्राएं रोजाना शहर जाती हैं। सरकार और रोडवेज को छात्राओं की सुविधा को देखते हुए स्पेशल बस सेवा बहाल करनी चाहिए।
रेल लाइन परियोजना शुरू की जाए
भविश शर्मा का कहना है कि रेलवे लाइन की घोषणा वर्षों से सुन रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। रेलवे लाइन बनने से यात्रियों के साथ छात्रों और व्यापारियों को भी फायदा मिलेगा। क्षेत्र के विकास के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार को इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना चाहिए।
व्यासपुर गांव का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
व्यासपुर गांव का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
व्यासपुर गांव का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद
व्यासपुर गांव का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। संवाद